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"भटकता मन और वो” एक ऐसा कहानी संग्रह है जो मानव मन की गहराइयों, उसके संघर्षों, उलझनों और अनकहे भावों को बेहद संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत करता है। यह पुस्तक उन भावनाओं की यात्रा है, जिन्हें हम अक्सर अपने भीतर दबाकर रखते हैं-अधूरे रिश्ते, एकतरफा दोस्ती, टूटे सपने, पारिवारिक जिम्मेदारियाँ और जीवन की निरंतर भागदौड़।
इस संग्रह की हर कहानी एक आईना है, जिसमें पाठक अपने जीवन के किसी न किसी पहलू को जरूर देख पाएगा। कहीं एक बेटे का संघर्ष है, कहीं एक बेटी के सपनों की आवाज, कहीं दोस्ती की सच्चाई है तो कहीं प्रेम की गहराई।
लेखक ने सरल और सहज भाषा में उन जटिल भावनाओं को शब्द दिए हैं, जो अक्सर कहे नहीं जाते, सिर्फ महसूस किए जाते हैं।
यह पुस्तक सिर्फ कहानियों का संग्रह नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव है-जो आपको सोचने, महसूस करने और शायद खुद से मिलने पर मजबूर कर दे।
यह उन सभी लोगों के लिए है, जिनका मन कभी न कभी भटका है, और जो आज भी खुद को तलाश रहे हैं।
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