You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution

Add a Review

जिस दिन मैंने बल्ला रख दिया

Krishnapratap Singh Dhurve
Type: Print Book
Genre: Sports & Adventure
Language: Hindi
Price: ₹186 + shipping
This book ships within India only.
Price: ₹186 + shipping
Dispatched in 5-7 business days.
Shipping Time Extra

Description

पुस्तक परिचय

हर सपना पूरा नहीं होता… लेकिन हर सपना हमें कुछ न कुछ ज़रूर सिखाकर जाता है।

"जिस दिन मैंने बल्ला रख दिया" केवल क्रिकेट की कहानी नहीं है। यह उस लड़के की कहानी है जिसने अपने जीवन का सबसे बड़ा सपना देखा, उसे पाने के लिए दिन-रात मेहनत की, लेकिन परिस्थितियों ने उससे उसका सबसे प्रिय साथी—उसका बल्ला—छीन लिया।

यह पुस्तक संघर्ष, असफलता, चोट, मानसिक पीड़ा, परिवार के त्याग, माता-पिता के निस्वार्थ प्रेम और फिर से जीवन को नए अर्थ के साथ जीने की यात्रा है। यह बताती है कि कभी-कभी जीवन हमारी मंज़िल बदल देता है, लेकिन हमारी पहचान नहीं।

यदि आपने भी कभी किसी सपने के लिए सब कुछ दाँव पर लगाया है…
यदि आपने कभी हार का दर्द महसूस किया है…
यदि आपको लगता है कि आपकी कहानी यहीं समाप्त हो गई है…

तो यह पुस्तक आपको याद दिलाएगी कि अंत अक्सर एक नई शुरुआत की पहली पंक्ति होता है।

यह केवल एक खिलाड़ी की कहानी नहीं,
यह हर उस इंसान की कहानी है जिसने कभी कोई सपना देखा था।

लेखक
Krishnapratap Singh

Instagram: @krishnapratap0807
Email: skrishnapratap628@gmail.com

About the Author

Krishnapratap Singh एक युवा लेखक हैं, जिनका मानना है कि जीवन की सबसे बड़ी कहानियाँ कल्पना से नहीं, बल्कि वास्तविक अनुभवों से जन्म लेती हैं।

"जिस दिन मैंने बल्ला रख दिया" उनकी पहली पुस्तक है, जो उनके अपने जीवन, संघर्षों, सपनों और उन परिस्थितियों पर आधारित है जिन्होंने उन्हें भीतर से बदल दिया। यह पुस्तक केवल क्रिकेट की यात्रा नहीं, बल्कि हार के बाद भी जीवन को नए साहस के साथ स्वीकार करने की कहानी है।

लेखन के माध्यम से वे उन लोगों तक आशा, साहस और प्रेरणा पहुँचाना चाहते हैं जो अपने जीवन में किसी कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उनका विश्वास है कि हर टूटे हुए सपने के पीछे एक नई शुरुआत छिपी होती है।

Instagram: @krishnapratap0807
Email: skrishnapratap628@gmail.com

Book Details

Publisher: Krishnapratap Singh
Number of Pages: 110
Dimensions: 5.83"x8.27"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

Ratings & Reviews

जिस दिन मैंने बल्ला रख दिया

जिस दिन मैंने बल्ला रख दिया

(Not Available)

Review This Book

Write your thoughts about this book.

Currently there are no reviews available for this book.

Be the first one to write a review for the book जिस दिन मैंने बल्ला रख दिया.

Other Books in Sports & Adventure

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account transfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.