You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution

Add a Review

द पर्सन यू कॉल "मी"

जिन चेहरों को हम ओढ़ते हैं और जिस जीवन को हमने कभी नहीं चुना— उसका विखंडन
मीत लुखी (Meet Luukhi)
Type: Print Book
Genre: Self-Improvement, Philosophy
Language: Hindi
Price: ₹399 + shipping
Price: ₹399 + shipping
Dispatched in 5-7 business days.
Shipping Time Extra

Description

वह जीवन किसकी जीवनचर्या है जिसे आप अपना कहते हैं?
बचपन से ही हम एक अदृश्य स्क्रिप्ट लेकर चलते हैं—जिसे हमारे परिवार ने लिखा है, समाज ने गढ़ा है, और हमारी अपनी अनवरत महत्वाकांक्षाओं ने सींचा है। हम सीढ़ियाँ चढ़ने और उपाधियाँ (टाइटल्स) बटोरने में अपनी पूरी जिंदगी बिता देते हैं, इस बात से पूरी तरह बेखबर कि वह रास्ता हमारे पैदा होने से दशकों पहले ही तय कर दिया गया था।
"द पर्सन यू कॉल 'मी'" एक अंतरंग, शांत आईना है। 'जिज्ञासु' और 'दृष्टा' के बीच एक सशक्त संवाद के माध्यम से, यह पुस्तक आपको बगावत करना या अपनी दुनिया को नष्ट करना नहीं सिखाती। इसके बजाए, यह आपको अपने विकल्पों को करीब से देखने, उधार ली गई उम्मीदों के शोर को हटाने और अपनी पहचान की नींव की जाँच करने का निमंत्रण देती है।
किसी अदृश्य दर्शक के लिए अभिनय करना बंद करें। कंडीशनिंग (संस्कार/मानसिक प्रोग्रामिंग) के भारी कवच को उतार फेंके, और केवल एक प्रतिक्रियावादी (रिएक्टर) के रूप में नहीं, बल्कि अपने ही जीवन के एक संप्रभु वास्तुकार के रूप में जीना सीखें।
“तुम कोई मुखौटा नहीं हो।
तुम वह वास्तुकार हो जो उसे पहने हुए है।"

About the Author

मीत लुखी (Meet Luukhi) का जन्म एक शारीरिक विकलांगता के साथ हुआ था, एक ऐसा अनुभव जिसने उनकी जिज्ञासा की सीमाओं को बांधे बिना जीवन के प्रति उनके दृष्टिकोण को गढ़ा है। एक लेखक के रूप में, वे मानव मनोविज्ञान, व्यवहार, रिश्तों, पहचान और उन अनुभवों की पड़ताल करते हैं जो यह तय करते हैं कि हम कौन बनते हैं। लोगों और अपने आस-पास की दुनिया का अवलोकन करते हुए, उनका लेखन पाठकों को परिचित विश्वासों पर सवाल उठाने, उनकी मान्यताओं से परे देखने और स्वयं को तथा अपने आस-पास के लोगों को बेहतर ढंग से समझने के लिए आमंत्रित करता है।

Book Details

Publisher: Meet Luukhi
Number of Pages: 171
Dimensions: 5.5"x8.5"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

Ratings & Reviews

द पर्सन यू कॉल "मी"

द पर्सन यू कॉल "मी"

(Not Available)

Review This Book

Write your thoughts about this book.

Currently there are no reviews available for this book.

Be the first one to write a review for the book द पर्सन यू कॉल "मी".

Other Books in Self-Improvement, Philosophy

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account transfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.