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“ऋषिकेश Diaries” सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं है, बल्कि उन लोगों की कहानी है जो बाहर से बिल्कुल नॉर्मल दिखते हैं, लेकिन अंदर कहीं थक चुके होते हैं।
मुंबई की तेज़ भागती कॉर्पोरेट लाइफ से भागकर ऋषिकेश पहुँचा राहुल, और अपनी टूटी हुई शादी व अधूरी यादों से दूर भागती अदिति… दोनों की मुलाक़ात गंगा किनारे होती है। धीरे-धीरे बातचीत, कॉफी, घाटों और पहाड़ों के बीच वे एक-दूसरे में वो सुकून ढूँढने लगते हैं जो शायद अपनी ज़िंदगी में कहीं खो गया था।
यह किताब रिश्तों, अकेलेपन, burnout, self-discovery और उन छोटी-छोटी मुलाक़ातों के बारे में है जो इंसान की पूरी सोच बदल देती हैं। ऋषिकेश की शांत गलियों, कैफे, बारिश और गंगा के किनारों के बीच चलती यह कहानी पाठकों को ऐसा महसूस कराती है जैसे वे खुद उस सफर का हिस्सा हों।
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