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बातें जो कहनी थीं मुझे
एक शायर का सफ़रनामा
लेखक: NIKKA HKR
क्या हर अधूरी मोहब्बत सच में खत्म हो जाती है, या वह शब्दों में ज़िंदा रहती है?
"बातें जो कहनी थीं मुझे" सिर्फ़ कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक ऐसे दिल का सफ़र है जिसने मोहब्बत, जुदाई, वफ़ा, तन्हाई, समाज और खुद की तलाश को बहुत करीब से महसूस किया है।
इस पुस्तक की हर रचना एक कहानी कहती है—कहीं पहली बारिश की याद है, कहीं अधूरेपन का दर्द, कहीं अपने ही समाज से लड़ते इंसान की आवाज़, तो कहीं एक ऐसे आशिक़ की दास्तान जो खोकर भी मोहब्बत से इनकार नहीं कर पाता।
सरल शब्दों में लिखी गई ये कविताएँ और शायरी पाठक को अपने अनुभवों से जोड़ती हैं और उसे अपने ही दिल के अनकहे जज़्बातों से रूबरू कराती हैं।
यदि आपको प्रेम, विरह, आत्मचिंतन और भावनात्मक शायरी पसंद है, तो यह पुस्तक आपके लिए है।
इस पुस्तक में आपको मिलेगा:
प्रेम और विरह पर आधारित रचनाएँ
वफ़ा, अधूरेपन और तन्हाई की कहानियाँ
समाज और रिश्तों पर गहरे विचार
दिल को छू लेने वाली शायरी और कविताएँ
एक शायर की भावनात्मक यात्रा
"कुछ बातें कही जाती हैं, कुछ लिखी जाती हैं... और कुछ हमेशा दिल में रह जाती हैं।"
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