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अदृश्य प्रहार, अपनों की आड़ में नकारात्मकता का चक्रव्यूह

अपनों के मोह से परे, नकारात्मक तरंगों को नकारने और सत्य को अपनाने का मार्ग
Om Prakash
Type: Print Book
Genre: Philosophy, Religion & Spirituality
Language: Hindi
Price: ₹210 + shipping
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Description

अदृश्य प्रहार, ​अपनों की आड़ में नकारात्मकता का चक्रव्यूह
​क्या आप भी अपनों के बीच रहकर अकारण थकान, गिल्ट या मानसिक तनाव महसूस करते हैं?
​कभी-कभी सबसे गहरे घाव दुश्मनों के हथियारों से नहीं, बल्कि अपनों के तानों, अपेक्षाओं, झूठे अपराध-बोध (Guilt-Traps) और मौन कड़वाहट से मिलते हैं। यह शोषण दिखाई नहीं देता, पर आपकी प्राण-शक्ति और आंतरिक शांति को निरंतर सोखता रहता है।
​यह पुस्तक केवल दुखों की गाथा नहीं है, यह वैदिक मनोविज्ञान और श्रीमद्भगवद्गीता के स्थितिप्रज्ञ दर्शन पर आधारित एक अत्यंत व्यावहारिक, सटीक और क्रियात्मक मार्गदर्शिका है। यह आपको सिखाती है कि बिना कड़वाहट या नफरत के अपनों के चक्रव्यूह से अपनी चेतना को कैसे सुरक्षित रखें।
​इस पुस्तक में आप जानेंगे।
​ऊर्जा का सुरक्षा-कवच व सूक्ष्म-धागों का निष्कासन: अपनी प्राण-शक्ति की रक्षा और अस्वस्थ भावनात्मक जुड़ावों से मुक्ति की व्यावहारिक तकनीकें।
आभामंडल का सुरक्षा-कवच एवं सूक्ष्म-धागों का निष्कासन: अपनी प्राण-शक्ति की रक्षा के लिए व्यावहारिक आध्यात्मिक तकनीकें।
​वाणी का संयम व पवित्र दूरी (Holy Distance): प्रतिक्रिया देने के बजाय सचेत होकर उत्तर देना और स्वाभिमान की रेखा खींचना।
​साक्षी भाव की साधना: स्थितिप्रज्ञ बनकर दूसरों की नकारात्मक तरंगों से अप्रभावित रहने का मार्ग।
​पीड़ित-भाव (Victimhood) का त्याग: पुरानी कड़वाहटों को भुलाकर परम आंतरिक स्वाधीनता और आनंद को प्राप्त करना।

About the Author

ओमप्रकाश श्रीमद्भगवद्गीता, वेद और भागवत के नियमित पाठक हैं। वे शास्त्रों के किसी शास्त्रीय दावों के बजाए, अपने गहन स्वाध्याय और आत्म-चिंतन से उपजे विचारों को सरल एवं सहज शब्दों में पाठकों के समक्ष रखते हैं। उनका उद्देश्य प्राचीन वैदिक ज्ञान को आधुनिक जीवन की व्यावहारिक समस्याओं से जोड़कर जन-सामान्य को मानसिक स्वाधीनता और आत्म-बोध की ओर अग्रसर करना है।

Book Details

ISBN: 9789334551549
Publisher: Om Prakash
Number of Pages: 167
Dimensions: 5.82"x8.28"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

Ratings & Reviews

अदृश्य प्रहार, अपनों की आड़ में नकारात्मकता का चक्रव्यूह

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