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पुस्तक परिचय
कल्पना कल की : दशांतक
एक यात्रा तीन वरदानों की
जब एक समृद्ध राज्य राख में बदल जाता है, तब कुछ बालकों का बच जाना मात्र संयोग नहीं होता।
आयुषित, निशांत और तरंग — तीन मित्र, जिनका बचपन युद्ध और विनाश की आग में खो गया।
वर्षों बाद, जब रहस्यमयी शक्तियाँ फिर जागने लगती हैं, तब उन्हें ऐसे रहस्यों का सामना करना पड़ता है जिनका संबंध केवल उनके अतीत से नहीं, बल्कि सम्पूर्ण युग के भविष्य से है।
तीन वरदान...
एक भूला हुआ रहस्य...
और एक ऐसा शत्रु जिसकी छाया सदियों से संसार पर मंडरा रही है।
क्या वे अपने भाग्य को स्वीकार करेंगे?
या वही भाग्य सम्पूर्ण संसार का विनाश बन जाएगा?
"कल्पना कल की – दशांतक" केवल एक कहानी नहीं, बल्कि एक महागाथा की शुरुआत है।
श्रृंखला सूचना
⚔️ दशांतक इस महागाथा का प्रथम भाग है।
तीन वरदानों का रहस्य अभी पूरी तरह उजागर नहीं हुआ है।
आगे आने वाले भागों में नए संसार, नए रहस्य, नए सहयोगी और कहीं अधिक भयावह शत्रु सामने आएँगे।
यह यात्रा अभी आरम्भ हुई है...
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