You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution

Add a Review

मोशन बनाम एक्शन | Motion Vs.Action

प्रगति के भ्रम से बाहर निकलें और असल में काम पूरा करें | Business and success mindset |Time management and productivity hindi
Pankaj Kumar
Type: Print Book
Genre: Self-Improvement
Language: Hindi
Price: ₹249 + shipping
Price: ₹249 + shipping
Dispatched in 5-7 business days.
Shipping Time Extra

Description

क्या आपको तैयारी करने की लत लग गई है, लेकिन असल काम शुरू करने से डर लगता है?

आपने दुनिया भर की किताबें पढ़ ली हैं। आपने पॉडकास्ट सुन लिए हैं। आपने परफेक्ट डिजिटल 'टू-डू लिस्ट' (to-do list) भी बना ली है। आपको ठीक-ठीक पता है कि अपनी जिंदगी बदलने के लिए आपको क्या करना है। तो फिर आपकी जिंदगी अभी भी वैसी ही क्यों दिख रही है?

आधुनिक सेल्फ-हेल्प इंडस्ट्री ने आपको 'मोशन' (Motion) के अंतहीन जाल में फंसा दिया है—जानकारी इकट्ठा करना, कैलेंडर्स को कलर-कोड करना, और ऐसे रूटीन बनाना जो असल जिंदगी के तनाव के आगे बिखर जाते हैं। मोशन (तैयारी) से लगता है कि आप प्रगति कर रहे हैं, लेकिन यह सिर्फ काम को टालने (procrastination) का एक बेहद चालाक तरीका है। सच्चा बदलाव केवल 'एक्शन' (Action) से आता है।

चाहे आप किसी कठिन प्रतियोगी परीक्षा के विशाल सिलेबस का सामना कर रहे हों, या खरोंच से अपना खुद का डिजिटल बिज़नेस खड़ा कर रहे हों, यह किताब आपको सिखाएगी कि कैसे फालतू के कामों को काटकर सीधे उस काम पर वार किया जाए जो असल में परिणाम देता है।

इस किताब में आप सीखेंगे:

प्रगति का भ्रम (The Illusion of Progress): "नकली काम" (fake work) को तुरंत पहचानना और खत्म करना सीखें।

द कॉम्प्लेक्सिटी ट्रैप (The Complexity Trap): उन सख्त डेली रूटीन को उखाड़ फेंकें जो आपको मानसिक रूप से थका देते हैं।

द वन ऑनेस्ट पेज (The One Honest Page): यह बेहद साधारण और अचूक फ्रेमवर्क आपके फोकस को सिकोड़ देगा और एक ऐसी रफ़्तार पैदा करेगा जिसे रोकना नामुमकिन होगा।

24-घंटे का एमनेस्टी नियम (The 24-Hour Amnesty Rule): अपनी असफलता (failure) से तुरंत उबरें, बिना किसी अपराधबोध (guilt tax) के।

आपको अब और नई जानकारी की आवश्यकता नहीं है। आपने जीवन भर के लिए पर्याप्त सलाह ले ली है। अब समय आ गया है 'जानने' और 'करने' के बीच की खाई को पाटने का।

तैयारी करना बंद करें। एक्शन लेना शुरू करें।

About the Author

पंकज कुमार एक टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल हैं, जिनके पास मास्टर डिग्री है। ऑटोमेशन, सिस्टम डिज़ाइन और आधुनिक इंजीनियरिंग में उनकी पकड़ बहुत मजबूत है। उनकी तकनीकी जानकारी और किताबों, मनोविज्ञान (साइकोलॉजी) तथा मानव व्यवहार के प्रति उनके गहरे लगाव के कारण, उनके लेखन में वैज्ञानिक समझ और आम जीवन की सरलता का एक अनूठा संगम देखने को मिलता है।

पिछले कुछ सालों में, उन्होंने प्रोडक्टिविटी (कार्यक्षमता) से लेकर दर्शनशास्त्र और व्यक्तिगत विकास तक कई तरह की किताबें पढ़ी हैं। इससे उन्हें यह समझने में काफी मदद मिली है कि आज की इस डिजिटल दुनिया में हमारा दिमाग कैसे काम करता है। किताबें पढ़ने से हमारी सोच, फोकस, रचनात्मकता (क्रिएटिविटी) और भावनात्मक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है, यह जानने की उनकी इसी उत्सुकता ने उन्हें 'Wired Mind, Silent Pages' नामक किताब लिखने के लिए प्रेरित किया।

पंकज मानते हैं कि किताबें सिर्फ जानकारी पाने का जरिया नहीं हैं, बल्कि ये खुद में सकारात्मक बदलाव लाने का एक बहुत ही शक्तिशाली साधन हैं। अपने काम के जरिए उनका मकसद पाठकों को फिर से गहरी सोच के साथ जोड़ना, उनका ध्यान (फोकस) वापस लाना और आज के इस भागदौड़ भरे दौर में टेक्नोलॉजी के साथ एक बेहतर और स्वस्थ रिश्ता बनाने में मदद करना है।

Book Details

Number of Pages: 111
Dimensions: 5.51"x8.50"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

Ratings & Reviews

मोशन बनाम एक्शन | Motion Vs.Action

मोशन बनाम एक्शन | Motion Vs.Action

(Not Available)

Review This Book

Write your thoughts about this book.

Currently there are no reviews available for this book.

Be the first one to write a review for the book मोशन बनाम एक्शन | Motion Vs.Action.

Other Books in Self-Improvement

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account transfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.