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शब्दों का दुकानदार

एक पुरानी किताब, हाशिये पर लिखे कुछ शब्द, और कई ज़िंदगियों का अनकहा सच। Hindi Literary Fiction Novel (हिंदी साहित्य)| Emotional and Inspirational Hindi Stories
Pankaj Kumar
Type: Print Book
Genre: Literature & Fiction
Language: Hindi
Price: ₹299 + shipping
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Description

क्या एक साधारण सी किताब किसी का पूरा जीवन बदल सकती है?

इलाहाबाद की एक संकरी गली में 'स्मृति-कुंज' नाम की एक छोटी सी किताबों की दुकान है। यहाँ कोई बेस्टसेलर नहीं मिलती, न ही यहाँ कोई आधुनिक चमक-धमक है। यहाँ मिलती हैं केवल पुरानी, पीली पड़ चुकी किताबें और उनके मालिक 78 वर्षीय दीनानाथ, जो लोगों की बातें कम और उनकी खामोशी ज़्यादा पढ़ते हैं।

लेकिन इस दुकान का असली रहस्य किताबों में नहीं, बल्कि उनके हाशिये (margins) में छिपा है। हर किताब के पन्नों के बीच, किसी अज्ञात व्यक्ति ने नीली स्याही से कुछ वाक्य लिखे हैं। ये नोट्स कोई जादू नहीं करते, लेकिन जब ये सही व्यक्ति के हाथ में, सही समय पर पहुँचते हैं, तो वे टूटे हुए इंसान को फिर से जीने की हिम्मत दे देते हैं।

'शब्दों का दुकानदार' एक ऐसी मार्मिक और रहस्यमयी कहानी है जो आपको भावनाओं की एक ऐसी यात्रा पर ले जाएगी, जहाँ:

एक भ्रष्ट ठेकेदार को अपने ज़मीर की आवाज़ सुनाई देती है।

एक शोक में डूबा शिक्षक फिर से बच्चों के बीच लौटता है।

एक उदास पत्रकार अपने अतीत को क्षमा करना सीखती है।

यह उपन्यास केवल एक रहस्य (Mystery) नहीं है, बल्कि यह साहित्य, समय और मानवीय संवेदनाओं का एक गहरा दार्शनिक अध्ययन है। यह कहानी आपको हँसाएगी, रुलाएगी और अंत में आपको उन पुरानी किताबों की महक के बीच ले जाएगी जहाँ हर शब्द ज़िंदा है।

यह उपन्यास किसके लिए है?

उन पाठकों के लिए जिन्हें हिंदी साहित्य (Hindi Literature) और भावनात्मक कहानियाँ (Emotional Dramas) पसंद हैं।

जो 'द मिडनाइट लाइब्रेरी' (The Midnight Library) जैसी किताबों के प्रशंसक हैं, जहाँ किताबें जीवन के अर्थ बदल देती हैं।

जो एक शांत, सुकून भरी और विचारशील (Philosophical) कहानी की तलाश में हैं।

क्या आप तैयार हैं उस एक 'वाक्य' को पढ़ने के लिए, जो आपकी ज़िंदगी बदल सकता है? आज ही अपनी प्रति पढ़ें।

About the Author

पंकज कुमार एक Technology Professional हैं, जिनके पास Master’s degree है और ऑटोमेशन (Automation), सिस्टम्स डिज़ाइन (Systems Design) व मॉडर्न इंजीनियरिंग प्रैक्टिसेज की एक मज़बूत अकादमिक नींव है। उनकी तकनीकी विशेषज्ञता, किताबों, साइकोलॉजी (Psychology) और इंसानी व्यवहार (Human Behaviour) के प्रति उनके गहरे लगाव का एक अनूठा संगम है, जो उनके लेखन को एक वैज्ञानिक समझ (Scientific Insight) और बेहद सरल-सहज प्रवाह देता है।
बीते सालों में, उन्होंने उत्पादकता (Productivity) से लेकर फिलॉसफी और पर्सनल डेवलपमेंट (Personal Development) तक के व्यापक साहित्य को गहराई से खंगाला है, जिसने आज की इस डिजिटल दुनिया (Digital World) में हमारा दिमाग कैसे काम करता है, इसकी उनकी समझ को एक नया आकार दिया है। पढ़ना हमारी सोच, फ़ोकस (Focus), क्रिएटिविटी (Creativity) और इमोशनल वेलनेस को कैसे प्रभावित करता हैइसी उत्सुकता ने उन्हें Wired Mind, Silent Pages लिखने के लिए प्रेरित किया।
पंकज का मानना है कि किताबें सिर्फ जानकारी बटोरने का जरिया नहीं हैं, बल्कि वे खुद को पूरी तरह बदलने (Self-transformation) का एक बेहद शक्तिशाली टूल हैं।
अपने काम के ज़रिए, उनका मकसद पाठकों को दोबारा गहरी सोच (Deeper Thinking) से जोड़ना, उनके भटके हुए ध्यान (Attention) को वापस हासिल करना, और आज के इस भागदौड़ भरे दौर में टेक्नोलॉजी (Technology) के साथ एक स्वस्थ व मज़बूत रिश्ता बनाने में मदद करना है।

Book Details

Number of Pages: 174
Dimensions: 5.5"x8.5"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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