You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution

Add a Review

तृष्णा शांत हुई

Parmanand Alipurwale
Type: Print Book
Genre: Literature & Fiction
Language: Hindi
Price: ₹570 + shipping
Price: ₹570 + shipping
Dispatched in 5-7 business days.
Shipping Time Extra

Description

**तृष्णा शांत हुई? — तुम आए तो हुई**

कुछ प्रेम कहे नहीं जाते… बस जीए जाते हैं।

*तृष्णा शांत हुई?* केवल एक प्रेमकथा नहीं, बल्कि स्मृतियों, संबंधों, आत्मीयता, विरह और मनुष्य के भीतर छिपी उस गहरी तृष्णा की कहानी है, जो किसी को पाने से अधिक किसी से जुड़ने, समझे जाने और स्वयं को पहचानने की आकांक्षा से जन्म लेती है।

अन्वेष, एक छोटे से गाँव का शांत और संवेदनशील युवक, काशी की गलियों से विज्ञान की जटिल दुनिया तक एक असाधारण यात्रा तय करता है। नियरा, तिश्या और नक्ष के साथ उसकी दोस्ती, सपने, संघर्ष, बिछोह और जीवन के कठिन प्रश्न उसके व्यक्तित्व और संबंधों को लगातार नए अर्थ देते हैं।

बनारस के घाट, गंगा की धारा, युवावस्था के सपने, विज्ञान की खोज, परिवार, प्रेम, वियोग और पुनर्मिलन—इन सबके बीच यह उपन्यास पाठक को उस प्रश्न तक ले जाता है जो शायद हर मन में कहीं न कहीं जीवित रहता है: क्या हमारी सबसे गहरी तृष्णा उपलब्धियों से शांत होती है, या किसी सच्चे संबंध से?

भावनात्मक, चिंतनशील और मानवीय संवेदनाओं से भरा यह उपन्यास प्रेम और जीवन को केवल घटना नहीं, बल्कि एक आंतरिक यात्रा के रूप में देखता है।

**उन पाठकों के लिए जो प्रेम, संबंधों, आत्म-खोज, बनारस की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और भावनात्मक साहित्य पसंद करते हैं।**

About the Author

परमानंद अलीपुरवाले विज्ञान, शिक्षा और साहित्य से जुड़े एक संवेदनशील लेखक हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ मानवीय भावनाओं, रिश्तों की जटिलताओं और जीवन के सूक्ष्म अनुभवों को समझना उनके लेखन की विशेषता है।

उनकी रचनाओं में प्रेम, स्मृति, आत्मीयता, संघर्ष और आत्म-खोज जैसे विषय सहज रूप से उभरते हैं। तृष्णा शांत हुई? में उन्होंने विज्ञान और संवेदना, काशी की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और मानवीय संबंधों की गहराई को एक भावपूर्ण कथा में पिरोया है।

उनका विश्वास है कि हर मनुष्य के भीतर कोई न कोई तृष्णा जीवित रहती है—किसी उपलब्धि की, किसी अपने की, या स्वयं को समझ पाने की। उनकी लेखनी इसी आंतरिक यात्रा को शब्द देती है।

Book Details

Number of Pages: 555
Dimensions: 6.00"x9.00"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

Ratings & Reviews

तृष्णा शांत हुई

तृष्णा शांत हुई

(Not Available)

Review This Book

Write your thoughts about this book.

Currently there are no reviews available for this book.

Be the first one to write a review for the book तृष्णा शांत हुई.

Other Books in Literature & Fiction

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account transfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.