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क्या आपका हृदय आपका सबसे भरोसेमंद साथी है, या आपका सबसे बड़ा भ्रम? आधुनिक दुनिया में हमें अक्सर सिखाया जाता है कि "अपने दिल की सुनो।" लेकिन पवित्रशास्त्र यिर्मयाह 17:9 में एक गंभीर चेतावनी देता है: "हृदय तो सब वस्तुओं से अधिक धोखा देनेवाला होता है, उस में असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है?" "हृदय का छलावा: हृदय की दशाएँ और आत्मिक जीवन" एक ऐसी आत्मिक खोज है जो मानवीय भावनाओं के मुखौटों को हटाकर आत्मा के गहरे सत्यों को उजागर करती है। यह पुस्तक केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने और अपने आत्मिक जीवन का एक्सरे (X-ray) करने के लिए एक मार्गदर्शिका है। इस पुस्तक में लेखक ने बहुत ही सरल लेकिन गहरे दृष्टिकोण से यह समझाया है कि कैसे हमारा अपना हृदय हमें आत्मिक मार्ग से भटका सकता है। टूटेपन, निराशा, अहंकार और गुप्त पापों के बीच घिरा मानव हृदय किस प्रकार एक छलावा बन जाता है, और कैसे मसीह का प्रेम और पवित्र आत्मा का सामर्थ्य उस भटके हुए हृदय को एक नया और जाग्रत जीवन दे सकते हैं।
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