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Mrityu Nahi, Mukti Ki Khoj (मृत्यु नहीं, मुक्ति की खोज)

Roshan Kumar Dubey
Type: Print Book
Genre: Education & Language
Language: English, Hindi
Price: ₹299 + shipping
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Description

एक लेखक के तौर पर जब मैंने इस विषय पर कलम उठाने का निश्चय किया, तो मेरे मन में अकादमिक ज्ञान का प्रदर्शन करने की इच्छा नहीं थी, बल्कि एक गहरी मानवीय संवेदना और छटपटहट थी। मैंने अपने आस-पास, समाज के भीतर, और समाचारों की सुर्खियों में उस मौन पीड़ा को महसूस किया है, जो अंततः किसी व्यक्ति को जीवन से विमुख होने के कगार पर ले आती है। आत्महत्या पर बात करना आज भी हमारे समाज में एक वर्जित विषय (taboo) माना जाता है। इस पर एक अजीब सी चुप्पी है, एक अनकहा भय है जो हमें इस शब्द को ज़ुबान पर लाने से भी रोकता है।
मेरा उद्देश्य इसी चुप्पी की दीवारों को तोड़ना है। इस पुस्तक को लिखने का प्रयोजन किसी न्यायाधीश की तरह बैठकर यह तय करना नहीं है कि क्या सही है और क्या गलत, बल्कि एक दोस्त, एक हमदर्द की भूमिका में उस असहनीय दर्द को समझने और साझा करने का प्रयास करना है, जिससे गुज़र रहा व्यक्ति आत्महत्या जैसे अंतिम कदम के बारे में सोचने पर विवश हो जाता है। यह पुस्तक उन अनगिनत कहानियों को एक आवाज़ देने का प्रयास है जो समाज के डर से कभी कही नहीं गईं। यह उन सिसकियों को सुनने की एक कोशिश है जो बंद दरवाज़ों के पीछे हमेशा के लिए दफ़न हो गईं। मेरा मानना है कि हर जीवन बहुमूल्य है और हर पीड़ा को सुना जाना चाहिए। जब हम दर्द को नाम देते हैं, उसे स्वीकार करते हैं, तभी हम उपचार की दिशा में पहला कदम बढ़ाते हैं।
मैं आपसे, अपने पाठक से, सीधे संवाद करना चाहता हूँ। यदि आप यह पुस्तक इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि आप स्वयं जीवन की किसी कठिन चुनौती से गुज़र रहे हैं, तो मैं चाहता हूँ कि आप जानें कि आप अकेले नहीं हैं। यह पुस्तक आपके भीतर उम्मीद जगाने के लिए है। यह आपको यह बताने के लिए है कि हर सुरंग के दूसरे छोर पर रोशनी होती है, और उस रोशनी तक पहुँचना संभव है। यह मृत्यु का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि जीवन की ओर लौटने का एक निमंत्रण है। आइए, इस यात्रा पर एक साथ चलें।

About the Author

रोशन कुमार दुबे एक कुशल शिक्षाविद हैं, जो वर्तमान में भेषजगुण (फार्मास्युटिक्स) विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। उनका गहरा ज्ञान और अनुभव उन्हें भेषज विज्ञान के क्षेत्र में एक सम्मानित विशेषज्ञ बनाता है।
एक सहायक प्रोफेसर के रूप में, वे छात्रों को भेषज उद्योग में सफल होने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से सुसज्जित करने के लिए समर्पित हैं। उनका लक्ष्य एक प्रेरक शिक्षण वातावरण बनाना है जहाँ छात्र नवीनतम वैज्ञानिक विकासों का पता लगा सकें और उत्कृष्टता के लिए प्रेरित हों।
शोध के क्षेत्र में भी, रोशन कुमार दुबे सक्रिय हैं। उन्होंने कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिकाओं में शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। उनकी प्रमुख शोध रुचियों में औषधि वितरण प्रणाली (ड्रग डिलीवरी सिस्टम), औषध गतिकी (फार्माकोकाइनेटिक्स), और सूत्रीकरण विकास (फॉर्मूलेशन डेवलपमेंट) शामिल हैं।
यह उल्लेखनीय है कि एम.फार्मा की डिग्री प्राप्त करने के बाद, उन्होंने एलएलबी (LLB) की पढ़ाई भी पूरी की है। कानून के क्षेत्र में इस ज्ञान ने उन्हें समाज के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए काम करने की प्रेरणा दी है, जहाँ वे अपने वैज्ञानिक और कानूनी ज्ञान का उपयोग कर रहे हैं। इस तरह, वे शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

Book Details

Number of Pages: 239
Dimensions: 6.00"x9.00"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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