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मुझे आसमान छूना है सिर्फ़ एक कविता-संग्रह नहीं, बल्कि एक दिल की डायरी है — जिसमें हर पन्ना किसी अनकही चाह, किसी अधूरी उड़ान और किसी के इंतज़ार की कहानी कहता है।
रूबी जायसवाल अपनी इन कविताओं में उन पलों को शब्द देती हैं जब खिड़की के उस पार उड़ते परिंदे देखकर मन भी उड़ने को करता है, जब बंदिशें छत को बहुत नीचा महसूस कराती हैं, और जब स्क्रीन बुझते ही कमरा थोड़ा और अंधेरा हो जाता है — क्योंकि फ़ोन की गरमाहट, उस अपने की गरमाहट नहीं होती।
बंदिशों से उड़ान तक, अकेलेपन से उम्मीद तक — यह संग्रह हर उस दिल की आवाज़ है जो कहीं न कहीं आसमान छूना चाहता है, पर अपनी ज़मीन से भी उतना ही जुड़ा रहना चाहता है।
यह किताब उनके लिए है जो महसूस करते हैं, जो सपने देखते हैं, और जो अब भी अपने हिस्से का आसमान ढूंढ रहे हैं।
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