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Yug Nirmaata : SAGAR BAJRANGI

Shilp Surya aur Swabhiman ki Amar Gatha
Sagar Bajrangi
Type: Print Book
Genre: History
Language: Hindi
Price: ₹299 + shipping
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Description

शीर्षक: युग निर्माता
विषय: प्रजापति समाज का गौरवशाली इतिहास, शौर्य और सांस्कृतिक विरासत
विवरण:
"इतिहास केवल पन्नों पर लिखी इबारत नहीं है, बल्कि यह उन संघर्षों और सृजन की जीवंत गाथा है जिसे हमारे पूर्वजों ने अपने पसीने और रक्त से सींचा है।"
पुस्तक 'युग निर्माता' प्रजापति समाज के उस विस्मृत और स्वर्णिम इतिहास को पुनः जीवित करने का एक ऐतिहासिक दस्तावेज है, जिसे समय की धूल ने ओझल कर दिया था। यह पुस्तक सृष्टि के आदि-सृजनकर्ता, भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र महाराज दक्ष प्रजापति के वंशजों की उस गौरवमयी यात्रा को दर्शाती है, जिन्होंने अपनी कला से न केवल मिट्टी को आकार दिया, बल्कि सभ्यताओं की नींव रखी।
इस पुस्तक में आप पढ़ेंगे:
सृजन की जड़ें: कैसे प्रजापति समाज ने अपनी शिल्पकला से समाज को व्यवस्थित किया।
शौर्य और बलिदान: समाज के उन महान योद्धाओं और महापुरुषों की गाथाएँ जिन्होंने राष्ट्र रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण: वर्तमान पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़कर उनमें 'स्वाभिमान' और 'युग निर्माण' की नई ऊर्जा भरने का प्रयास।
यह केवल एक किताब नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए एक प्रेरणापुंज है जो अपने अस्तित्व और समाज के वास्तविक स्वरूप को समझना चाहता है। 'युग निर्माता' आपको याद दिलाती है कि "युग बदलता नहीं, उसे अपने संकल्पों से गढ़ा जाता है।"

About the Author

लेखक: सागर बजरंगी
निवास: मेरठ, उत्तर प्रदेश
​परिचय:
बहुमुखी प्रतिभा के धनी सागर बजरंगी हिंदी साहित्य जगत के एक उभरते हुए ओजस्वी लेखक, कवि और प्रखर गीतकार हैं। उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक जनपद मेरठ की क्रांतिकारी धरती से ताल्लुक रखने वाले सागर ने बहुत ही अल्पायु में अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का बीड़ा उठाया है।
​अपनी प्रथम कृति 'सनातन की गहराई' के माध्यम से पाठकों के बीच अपनी एक अमिट छाप छोड़ने के बाद, सागर अब अपनी नई पुस्तक 'युग निर्माता' के साथ समाज के सम्मुख उपस्थित हैं। उनकी रचनाओं में जहाँ एक ओर इतिहास के प्रति गहरा सम्मान झलकता है, वहीं दूसरी ओर भविष्य के निर्माण के लिए एक सशक्त विज़न भी दिखाई देता है।
​सागर बजरंगी केवल शब्दों के शिल्पी ही नहीं, बल्कि एक विचारवान युवा हैं जो मानते हैं कि लेखनी के माध्यम से समाज की लुप्त होती विरासत को संजोना और नई पीढ़ी को मार्ग दिखाना ही एक लेखक का वास्तविक धर्म है। निरंतर लेखन और शोध में लीन, सागर का लक्ष्य अपनी रचनाओं द्वारा राष्ट्र और समाज में 'स्वाभिमान' की नई अलख जगाना है।

Book Details

Publisher: Sudarshan publication House
Number of Pages: 140
Dimensions: 5.5"x8.5"
Interior Pages: B&W
Binding: Hard Cover (Case Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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