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क्या कुछ लोग कभी पूरी तरह हमारी ज़िंदगी से जा पाते हैं?
कुछ रिश्ते मुकम्मल नहीं होते, फिर भी उनकी यादें उम्र भर हमारे साथ चलती हैं। कुछ लोग दूर चले जाते हैं, लेकिन उनके ख़याल कभी दूर नहीं होते।
"तेरे ख़यालों का सफ़र" एक काव्य-संग्रह है जो पहली नज़र के इश्क़ से शुरू होकर उम्मीद, इंतज़ार, चाहत, दूरियाँ और आखिर में जुदाई तक के भावनात्मक सफ़र को शब्दों में बयाँ करता है। इस संग्रह की कविताएँ प्रेम की मिठास, यादों की गर्माहट, अधूरे ख़्वाबों की कसक और बिछड़ने के दर्द को महसूस कराती हैं।
इन पन्नों में आपको कभी किसी की मुस्कान मिलेगी, कभी किसी का इंतज़ार, कभी अधूरी रह गई बातें और कभी वो एहसास जो दिल में रह तो जाते हैं, मगर शब्दों में आसानी से नहीं ढलते।
यदि आपने कभी किसी को दिल से चाहा है...
यदि आपने किसी का इंतज़ार किया है...
यदि किसी की याद आज भी आपके साथ चलती है...
तो शायद यह पुस्तक आपको अपनी ही कहानी का एक हिस्सा लगे।
यह संग्रह केवल कविताओं का नहीं, बल्कि उन भावनाओं का सफ़र है जिनसे हममें से लगभग हर व्यक्ति कभी न कभी गुज़रता है।
"तेरे ख़यालों का सफ़र" उन सभी अधूरी कहानियों के नाम, जो मुकम्मल न हो सकीं, पर दिल में हमेशा ज़िंदा रहीं।
— सागर देठे
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