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जहाँ खामोशी बोलती है

Samar Behlim
Type: Print Book
Genre: Literature & Fiction
Language: Hindi
Price: ₹140 + shipping
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Description

'जहाँ खामोशी बोलती है' अपने अतीत के दर्दों से भागते हुए चालीस वर्षीय अधेड़ व्यक्ति हुबर की एक संवेदनशील और मर्मस्पर्शी यात्रा है, जो भटकते हुए रहस्यमयी और शांत गाँव 'राविरा' पहुँचता है। वहाँ की फिज़ा में पसरी चुप्पी, बरगद के नीचे बैठे बुजुर्ग तविर का जीवन-दर्शन, सयाना की गहरी बातें और नन्हे ओरिल के मासूम सवाल ("क्या बड़े लोग डर की वजह से चुप रहते हैं?") हुबर के भीतर वर्षों से दबे अनकहे ज़ख्मों को खुरच कर बाहर लाते हैं। यह कहानी यह अहसास कराती है कि दुखों और डर से भागने के बजाय अपने अनकहे सच को स्वीकारना ही मन की असली शांति और एक नई शुरुआत का रास्ता खोलता है।
आपको ये किताब क्यों पढ़नी चाहिए??
मन के अनकहे दर्द का मरहम: यह सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि आपके भीतर छिपे उस सन्नाटे की आवाज़ है जिसे आप अक्सर दुनिया की भीड़ में दबा देते हैं। अगर आप कभी अकेलेपन, तनाव या पुरानी यादों के बोझ से गुज़रे हैं, तो यह किताब आपके दिल को सुकून और राहत देगी।
खुद से दोबारा मिलने का जरिया: हुबर की यात्रा के ज़रिए यह पुस्तक आपको अपने ही अतीत और डरों का सामना करना सिखाती है। इसे पढ़ते हुए आपको लगेगा जैसे लेखक आपकी ही ज़िंदगी और मन की उलझनों के पन्नों को शब्द दे रहा है।
सादे शब्दों में गहरा जीवन-दर्शन: बरगद के पेड़ के नीचे बैठे तविर की सीख, सयाना का ठहराव और नन्हे ओरिल के मासूम सवाल—ये संवाद इतने सीधे और सच्चे हैं कि पढ़ने के बाद लंबे समय तक आपके दिमाग में तैरते रहेंगे।
भागदौड़ भरी जिंदगी में ठहराव: आज की तेज़-रफ़्तार और शोर-शराबे वाली दुनिया में यह किताब आपको कुछ देर रुककर, एक गहरी साँस लेने और अपने भीतर झाँकने का एक बेहद खूबसूरत मौका देती है।
अगर आप एक ऐसी किताब की तलाश में हैं जो सिर्फ पढ़ी न जाए, बल्कि महसूस की जाए—तो यह पुस्तक आपके बुकशेल्फ़ में ज़रूर होनी चाहिए।

About the Author

समर बहलीम एक सोच-विचार को नई दिशा देने वाले युवा लेखक हैं, जो अपनी काल्पनिक और सामाजिक रचनाओं से पाठकों को गहराई से सोचने पर मजबूर कर देते हैं। उनकी लेखनी इंसानी भावनाओं, आत्म-स्वीकृति और जीवन के वास्तविक दर्शन को बयां करती है। समर का उद्देश्य अपनी किताबों के माध्यम से लोगों को अंधकार और निराशा से उबारकर उनकी सफलता व सामर्थ्य के सही रास्ते की याद दिलाना है।
लेखन के अलावा वे शतरंज की चालों, संगीत की धुनों, चित्रकारी, पेड़-पौधों के सानिध्य और निरंतर अध्ययन में सुकून तलाशते हैं। भारत में उनकी दो पुस्तकें—"The Long Walk To The Desert" और "जहाँ खामोशी बोलती है" प्रकाशित हो चुकी हैं।
आप उनसे इंस्टाग्राम पर जुड़ सकते हैं: @qamal_e_behlim

Book Details

ISBN: 9789359333809
Publisher: samar behlim
Number of Pages: 76
Dimensions: 5.83"x8.27"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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