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समय की गोद में अब तक का सफर - हिंदी कविताओं का एक ऐसा संग्रह है जो जीवन के हर उस पल को शब्दों में पिरोता है जिसे हम जीते तो हैं, पर कह नहीं पाते।
इस संग्रह की 50 कविताएँ जीवन के अलग-अलग रंगों को समेटती हैं — कॉलेज के वो यादगार दिन, कोरोना की भयावह छाया, माँ की ममता, पिता का मौन साथ, भाई-बहन का अनमोल रिश्ता, सच्ची सहेलियों का साथ, और शादी के बाद एक स्त्री के बदलते संसार की कोमल व्यथा।
कवयित्री ने इन कविताओं में अपने निजी अनुभवों को बड़ी सहजता और ईमानदारी से उकेरा है — चाहे वो 2020 की महामारी हो, माता-पिता की रजत जयंती की खुशी हो, या खुद से एक पल चुराकर जीने की चाहत हो। हर कविता एक ऐसी बात कहती है जो पाठक के दिल में कहीं न कहीं पहले से बसी होती है।
यह पुस्तक उन सभी के लिए है जो जीवन को महसूस करते हैं, रिश्तों को जीते हैं, और शब्दों में खुद को ढूँढते हैं।
समय की गोद में अब तक का सफर— क्योंकि हर पल की अपनी एक कहानी होती है।
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