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यह काव्य-संग्रह उर्दू और हिंदी शायरी की उस रूह से प्रेरित है, जहाँ एहसास अल्फ़ाज़ का रूप लेते हैं और खामोशियों की अपनी एक कहानी होती है।
इन ग़ज़लों और नज़्मों में मोहब्बत की नरमी है, जुदाई की कसक है, उम्मीद की रौशनी है और साथ साथ दर्द और तन्हाई की गूँज। कहीं बीते लम्हों की परछाइयाँ हैं, तो कहीं ख़्वाबों और हक़ीक़त के दरमियान चलती एक ख़ामोश गुफ़्तगू। हर रचना इंसानी जज़्बात की किसी न किसी परत को छूती है और पाठक को अपने ही दिल के भीतर सफ़र करने पर मजबूर कर देती है।
देवनागरी लिपि में प्रस्तुत यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जो शायरी को केवल पढ़ते नहीं, बल्कि उसे महसूस करते हैं। यह एक ऐसी अदबी पेशकश है जो हर बार पढ़ी जाने पर नए मायने और नए एहसास छोड़ जाती है।
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