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Gaon se toda dur

A Journey of Roots, Relationships, Struggles and Dreams
Upendra Dholiya
Type: Print Book
Genre: Biographies & Memoirs
Language: Hindi
Price: ₹299 + shipping
This book ships within India only.
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Description

“गाँव से थोड़ा दूर” एक भावनात्मक और प्रेरणादायक जीवन-कथा है, जो गाँव की मिट्टी, परिवार के रिश्तों, दोस्ती, पढ़ाई, संघर्ष और अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश के इर्द-गिर्द घूमती है।

यह कहानी एक ऐसे सफर को दिखाती है जिसमें लेखक अपने गाँव से निकलकर जयपुर की जिंदगी देखता है, लगभग 15 साल शहर में बिताता है और फिर भी अपनी जड़ों और गाँव से जुड़ा रहता है। कहानी में संयुक्त परिवार का साथ, भाई-बहनों का रिश्ता, दोस्तों की दोस्ती, माता-पिता और परिवार की उम्मीदें तथा छोटे दादाजी की याद एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

किताब यह भी बताती है कि सफलता केवल नौकरी, पैसा या ऊँचा मुकाम हासिल करने का नाम नहीं है। असली सफलता अपने परिवार को खुश रखना, अपने पैरों पर खड़ा होना, अच्छे इंसान बने रहना और अपनी मिट्टी व अपनी जड़ों को कभी न भूलना है।

“गाँव से थोड़ा दूर” उन यादों और अनुभवों की कहानी है जो इंसान को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं, लेकिन अपनी पहचान और अपनों से जुड़े रहना भी सिखाते हैं।

About the Author

उपेन्द्र एक युवा लेखक हैं, जिन्होंने “गाँव से थोड़ा दूर” में अपने जीवन, परिवार, गाँव, जयपुर में बिताए वर्षों, दोस्ती, पढ़ाई और भविष्य के सपनों से जुड़े अनुभवों को शब्दों में पिरोया है।

उनकी लेखनी का केंद्र परिवार, रिश्ते, मेहनत, संघर्ष, सपने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की भावना है। उनकी कहानी में गाँव और शहर दोनों के अनुभव दिखाई देते हैं—गाँव से उन्हें अपनी पहचान और रिश्ते मिले, जबकि जयपुर ने उन्हें नए अनुभव और जीवन की चुनौतियों को समझने का अवसर दिया।

उपेन्द्र की सोच है कि इंसान को अपनी शुरुआत और अपनी मिट्टी को कभी नहीं भूलना चाहिए। वे अपनी कहानी के माध्यम से यह संदेश देते हैं कि मुश्किलें चाहे कितनी भी हों, मेहनत करते रहने वाला इंसान अपना रास्ता जरूर बना सकता है।

Author: उपेन्द्र
Book: गाँव से थोड़ा दूर

Book Details

Publisher: upendra Dholiya
Number of Pages: 90
Dimensions: 5.5"x8.5"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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