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आखरी सवारी

आखरी सवारी
Vivek Dubey
Type: Print Book
Genre: Literature & Fiction, Sapiential Novel
Language: Hindi
Price: ₹187 + shipping
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Description

आख़िरी सवारी : प्रेम और इंतज़ार की कहानी

लेखक : विवेक दूबे

विवेक दूबे का उपन्यास ‘आख़िरी सवारी’ प्रेम, संघर्ष, बिछड़ने और अधूरे इंतज़ार की एक संवेदनशील कहानी है।

इस उपन्यास के केंद्र में अविनाश और नंदिनी हैं, जिनका प्रेम सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों के बीच कई कठिन दौर से गुजरता है।

यह कहानी केवल दो प्रेमियों की नहीं, बल्कि उन सपनों की भी है जिन्हें समाज की बंदिशें अक्सर पूरा नहीं होने देतीं।

लेखक ने बक्सर और इलाहाबाद की पृष्ठभूमि में जीवन के अनेक रंगों को उकेरा है।

बक्सर की मिट्टी और इलाहाबाद की यादें इस कथा को एक अलग पहचान देती हैं।

अविनाश का संघर्ष, नंदिनी के प्रति उसका प्रेम और जीवन की कठिन परिस्थितियाँ पाठक को भावनात्मक रूप से जोड़ती हैं।

कहानी में रिक्शा केवल रोज़गार का साधन नहीं, बल्कि स्मृतियों और प्रतीक्षा का प्रतीक बन जाता है।

रिक्शे पर लिखा वाक्य ‘सवारी बैठी है’ उपन्यास का सबसे गहरा भाव समेटे हुए है।

एक खाली रिक्शा और उसके पीछे छिपी अनकही कहानी पाठक के मन में कई सवाल छोड़ जाती है।

क्या किसी के चले जाने के बाद भी उसका इंतज़ार किया जा सकता है?

क्या सच्चा प्रेम समय और दूरी से समाप्त हो जाता है?

लेखक इन सवालों के जवाब थोपते नहीं, बल्कि पाठक को स्वयं महसूस करने का अवसर देते हैं।

उपन्यास की भाषा सहज है और घटनाएँ भावनात्मक प्रभाव छोड़ती हैं।

इसमें प्रेम के साथ सामाजिक व्यवस्था, पारिवारिक रिश्तों और व्यक्तिगत निर्णयों का द्वंद्व भी दिखाई देता है।

‘आख़िरी सवारी’ उन लोगों की कहानी है, जिन्होंने कभी किसी का इंतज़ार किया है।

यह उपन्यास याद दिलाता है कि कुछ रिश्ते खत्म होकर भी खत्म नहीं होते।

कुछ लोग जीवन से चले जाते हैं, लेकिन स्मृतियों में हमेशा बने रहते हैं।

‘आख़िरी सवारी’ केवल एक रिक्शे की कहानी नहीं, बल्कि उस प्रेम की कहानी है जिसकी सवारी शायद कभी पूरी नहीं होती।

About the Author

लेखक परिचय : विवेक दूबे

विवेक दूबे हिंदी साहित्य में अपनी रचनात्मक यात्रा की शुरुआत करने वाले लेखक हैं। बिहार की ऐतिहासिक धरती बक्सर से उनका गहरा जुड़ाव है, जबकि इलाहाबाद ने उनके विचारों, अनुभवों और लेखकीय दृष्टि को आकार दिया है।

जीवन के अनुभवों, सामाजिक परिस्थितियों, मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों की जटिलताओं को शब्दों में पिरोना उनकी लेखन शैली की विशेषता है।

उनकी पहली पुस्तक ‘आख़िरी सवारी’ प्रेम, संघर्ष, स्मृतियों और अधूरे इंतज़ार की एक संवेदनशील कहानी है।

वे साहित्य के माध्यम से जीवन के उन अनकहे पहलुओं को पाठकों तक पहुँचाना चाहते हैं, जो अक्सर शब्दों में व्यक्त नहीं हो पाते।

Book Details

Number of Pages: 111
Dimensions: 5.5"x8.5"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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