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कुछ किताबें पढ़ी नहीं जातीं... महसूस की जाती हैं।"
कभी ऐसा हुआ है कि आप सबके सामने मुस्कुराए हों, लेकिन अकेले में खुद को संभालना मुश्किल हो गया हो? कभी कोई सपना टूटा हो, किसी अपने ने निराश किया हो या ज़िंदगी ने ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया हो जहाँ आगे का रास्ता दिखाई न दे?
यह किताब उन्हीं पलों के लिए है। यहाँ आपको मिलेंगी मन की अनकही बातें, रिश्तों की सच्चाइयाँ, असफलताओं से उबरने की हिम्मत और खुद पर दोबारा विश्वास करने की प्रेरणा। यह किताब आपकी सारी मुश्किलें खत्म करने का दावा नहीं करती, बस इतना चाहती है कि मुश्किलों के बीच आप खुद का साथ न छोड़ें।
"आपकी कहानी का कठिन अध्याय ही आपकी पूरी पहचान नहीं है।"
आइए, एक बार फिर उम्मीद करना सीखें... क्योंकि ज़िंदगी फिर मुस्कुराएगी!
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