कुछ ख़याल, कुछ अल्फ़ाज़
कुछ भीगे अल्फाज़ (Kuch Bheege Alfaaz)
कुछ बातें जिंन्दगी है शायद
कुछ बातें कुछ किस्से
कुछ दिल से (मेरी १५१ कविताएँ और ५१ ग़ज़लें)/Kuch Dil Se (Meri 151 Kavitayein Aur 51 Ghazalen)
कुछ तुम,कुछ हम,कुछ दुनिया।
कुछ ज्ञात कुछ अज्ञात
कुछ ज़िक्र ऐसे भी...
कुछ ख्वाब बिखरे से (Kuchh Khwaab Bikhre Se)
कुछ ख़्वाब कुछ हकीक़त
कुछ कहना चाहता हूँ
कुछ अल्फ़ाज
कुछ अल्फाज़, कुछ एहसास
कुछ अरमान शेष रह जाते हैं
कुछ अनसुनी
कुछ अधूरे से
कीमत मत पूछो
किस्सा भगत पूरणमल–हरयाणवी लोक रागनी संग्रह-समीक्षा सहित
किशोर कलिका
किताबी बाते
किछु फुरा गेल हमरा