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रामचरितमानस में मानव विकास के तत्व , प्रथम अंक

अश्विनी कुमार वर्मा
Type: Print Book
Genre: Social Science, Philosophy
Language: Hindi
Price: ₹519 + shipping
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Description

पुस्तक की परिचयः इस पुस्तक का प्रथम अंक रामचरितमानस में अन्तर्निहित मनोवैज्ञानिक एवं दार्शनिक तत्वों का गहन एवं शोधपरक अध्ययन प्रस्तुत करता है। गोस्वामी जी ने मानव मन, धारणा, विचार, भावना, संवेग एवं व्यवहार के सम्बन्धों; उनके मनोवैज्ञानिक प्रभाव तथा मानसिक समस्याओ के समाधान को अपने अद्भुत एवं रोचक छन्दों के माध्यम से व्यक्त किया है। इसी तरह तत्व मीमांसा, ज्ञान मीमांसा एवं समय की अवधारणा जैसे गूढ़, जटिल एवं नीरस दार्शनिक तत्वो को उन्होंने अत्यन्त सरल, रोचक एवं व्यवहारिक बना कर काव्य के माध्यम से जनसाधारण के लिए प्रस्तुत किया है। उनका समन्वयवादी दर्शन मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास यात्रा का अधारभूत स्तम्भ है। मानस के परिप्रेक्ष्य में सौन्दर्यता एवं मानवीय मूल्यों के आयाम का अध्ययन मानव विकास के आवश्यक तत्व हैं।

About the Author

अश्विनी कुमार वर्मा भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन एवं व्यक्तित्व के गम्भीर अध्येता और संवेदनशील लेखक हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा में हुआ। उन्होंने रसायन शास्त्र में परास्नातक की उपाधि लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की। वे ओएनजीसी में रसायन शाष्त्री थे। ओ.एन.जी.सी में रहते हुए लेखक ने वार्षिक राजभाषा की पत्रिका में कई लेख, कविताएं, चुटकुले, नाटक और अन्य साहित्यक सामग्री प्रकाशित की। ओ.एन.जी.सी में रहकर कुछ वर्षों तक राजभाषा की वार्षिक पत्रिका संपादन भी किया। लेखक ने ‘भंयकर भूत’ नामक एक कहानी को सामाजिक पत्रिका सरिता में प्रकाशित किया और ‘अंतरिक्ष के आश्चर्य जनक तथ्य’ लेख कादम्बरी में प्रकाशित किया।

Book Details

ISBN: 9789359874692
Number of Pages: 312
Dimensions: 6"x9"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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