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सोच से शिखर तक

मनोज उपाध्याय
Type: Print Book
Genre: Humor
Language: Hindi
Price: ₹425 + shipping
This book ships within India only.
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Description

सोच से शिखर तक

क्या सफलता केवल भाग्य का खेल है, या सही सोच और निरंतर प्रयास से कोई भी व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है?

"सोच से शिखर तक" एक ऐसी प्रेरणादायक पुस्तक है जो पाठकों को सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, लक्ष्य निर्धारण, आत्मअनुशासन और व्यक्तिगत विकास के महत्वपूर्ण सिद्धांतों से परिचित कराती है। यह पुस्तक केवल सिद्धांतों की चर्चा नहीं करती, बल्कि जीवन के व्यावहारिक अनुभवों और सरल उदाहरणों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास करती है कि हमारी सोच ही हमारे व्यक्तित्व और भविष्य का निर्माण करती है।

इस पुस्तक में लेखक मनोज उपाध्याय ने सफलता, संघर्ष, आत्मविश्वास, समय के महत्व, सकारात्मक दृष्टिकोण और निरंतर सीखने की शक्ति जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को प्रेरित करना, उनकी सोच को नई दिशा देना और उन्हें अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।

यदि आप अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना चाहते हैं, अपनी क्षमताओं को पहचानना चाहते हैं और अपने सपनों को वास्तविकता में बदलने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक उपयोगी मार्गदर्शक सिद्ध हो सकती है।

सफलता की यात्रा शिखर से नहीं, सोच से शुरू होती है।

About the Author

लेखक परिचय

मनोज उपाध्याय एक लेखक, विचारक और जीवन के सामान्य अनुभवों में असामान्य सीख खोजने वाले रचनाकार हैं। वे पिछले कई वर्षों से भारतीय जीवन, मानवीय व्यवहार, आत्मविकास, हास्य और व्यावहारिक अनुभवों पर लेखन कर रहे हैं।

पेशे से वे एक LIC सलाहकार हैं और पिछले एक दशक से लोगों को वित्तीय सुरक्षा तथा भविष्य की योजना बनाने में मार्गदर्शन दे रहे हैं। इसी दौरान उन्हें विभिन्न प्रकार के लोगों, परिस्थितियों और जीवन संघर्षों को निकट से समझने का अवसर मिला, जिसने उनके लेखन को वास्तविक अनुभवों की गहराई प्रदान की।

उनकी लेखनी का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि पाठकों को सोचने, मुस्कुराने और जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करना है।

उनकी पुस्तक "सोच से शिखर तक" सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, लक्ष्य निर्धारण और व्यक्तिगत विकास पर आधारित है, जबकि "हास्य शास्त्र" जीवन की वास्तविक घटनाओं, रोचक प्रसंगों और हास्यपूर्ण विश्लेषणों का अनूठा संग्रह है।

मनोज उपाध्याय का मानना है कि सफलता केवल बड़े अवसरों से नहीं, बल्कि सही सोच, निरंतर प्रयास और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्राप्त होती है। वे यह भी मानते हैं कि जीवन की सबसे बड़ी सीखें अक्सर साधारण अनुभवों में छिपी होती हैं।

लेखन के अतिरिक्त उन्हें अध्ययन, चिंतन, सामाजिक संवाद और नए विचारों पर कार्य करना पसंद है।

"सोच बदलिए, दृष्टिकोण बदलिए, और फिर देखिए कि जीवन किस प्रकार नए अवसरों के द्वार खोलता है।"

Book Details

Publisher: मनोज उपाध्याय
Number of Pages: 191
Dimensions: 5.5"x8.5"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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