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Nyayakusumanjali

न्यायकुसुमाञ्जलि उदयनाचार्य मूल संस्कृत: उदयनाचार्य • संस्कृतसँ मैथिली अनुवाद: गजेन्द्र ठाकुर
मूल संस्कृत: उदयनाचार्य • संस्कृतसँ मैथिली अनुवाद: गजेन्द्र ठाकुर
Type: Print Book
Genre: Philosophy
Language: Maithili
Price: ₹1,052 + shipping
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Description

अध्याय ११ : न्यायकुसुमाञ्जलिक मैथिली अनुवाद
फूलक पहिल गुच्छ
मंगलाचरणक विनय-पद्य
जिज्ञासाक विषयक निरूपण
जिज्ञासाक आवश्यकता पर बल
विचारार्थ प्रतिज्ञासभक सूची आ पहिल प्रतिज्ञाक विस्तृत विवेचन
अकस्मात् वा संयोगवश उत्पत्तिक परिकल्पनाक विवेचन आ खण्डन
उपर्युक्त मत पर आपत्ति आ ओकर विस्तृत उत्तर
सामान्य आ विशेष कारण-कार्य सम्बन्धक व्याख्या आ औचित्य-स्थापन
कार्य-कारण सम्बन्ध पर अद्वैत आ सांख्य मतक निरूपण एवं समीक्षा
संसारक अदृश्य कारणक पक्षमे चारिम तर्कक विवेचन
सामर्थ्य केँ स्वतन्त्र सत्ता मानबाक तर्क
अभावक कारणता स्थापित
सामर्थ्य-विषयक मीमांसा तर्कसभक विस्तृत समीक्षा
उत्पादित अथवा आरोपित सामर्थ्यक पक्षमे तर्क
कर्मकाण्डीय प्रक्रियासँ केवल मानव कर्ताक संस्कार आ प्रभाव होइत अछि—एहि मतक समर्थन
कर्ताक संस्कार सम्बन्धी उपर्युक्त मत पर प्रश्न
ओहि प्रश्नक उत्तर
एकटा आन प्रश्न
ओहि प्रश्नक उत्तर
न्याय मतमे सामर्थ्यक स्वरूपक विवेचन
कर्मकाण्डीय क्रियासँ कर्ताक संस्कार होइत अछि—एकर सकारात्मक प्रमाण
सांख्य मतक विवेचन
सांख्य मतक आलोचना
चार्वाक सिद्धान्तक विवेचन आ खण्डन
सार्वभौम क्षणभंगुरताक पक्षमे तर्कसभक विवेचन
क्षणभंगुरता विषयक संशयक निराकरण
स्थायित्व कारणतासँ असंगत अछि—एहि आपत्तिक विवेचन आ खण्डन
कारणता-सिद्धान्त पर आपत्ति आ ओकर प्रत्युत्तर
समापन-प्रार्थना
फूलक दोसर गुच्छ
ज्ञानक प्रामाण्यक कारणसभक विवेचन
ज्ञानक सत्यता बाह्य रूपेँ ज्ञात होइत अछि—एहि मतक प्रमाण
शब्द अनित्य अछि—एकर प्रमाणसभ
सृष्टि आ प्रलय सम्भव होएबाक औचित्य
प्रलयक प्रमाणसभ
परम्परा, जन्म, शिक्षा, आचार आ धर्मक क्रमिक ह्रास
शिष्टाचार, स्मृति आ अप्राप्य वैदिक विधान पर विचार
प्रलयक कारण धार्मिक परम्पराक विच्छेद
वेदपर श्रद्धा आ बौद्धमतक आकर्षण विषयक विचार
प्रलयक निष्क्रिय अवस्थासँ नव सृष्टि कोना आरम्भ होइत अछि
कपिलादि ऋषिक सर्वज्ञता द्वारा शास्त्र-प्रवर्तनक मतक खण्डन
दोसर गुच्छक समापन-प्रार्थना
फूलक तेसर गुच्छ
ईश्वरक ज्ञान नहि होएबाक आधार पर नास्तिक तर्कसभक समीक्षा
ज्ञानविशेष्य आ निषेधक प्रतियोगीक परिभाषा
अवास्तविक वस्तु निषेधक विषय सेहो नहि भऽ सकैत
ईश्वरक अनस्तित्व सिद्ध करबाक एक आन अनुमान
ईश्वरक अनस्तित्वक प्रमाणक प्रतिरक्षा आ ओकर खण्डन
चार्वाकक प्रत्युत्तर
चार्वाक मतक उत्तर
अनुमानक औचित्य-स्थापन आ चार्वाकक आपत्तिसभक उत्तर
सादृश्य-प्रमाण ईश्वरक अस्तित्वक विरोधी नहि
उपमान केँ ज्ञानक साधन मानबाक मीमांसा-समर्थनक खण्डन
न्यायमतानुसार उपमान केँ ज्ञानक साधन मानबाक समर्थन
एक आपत्ति, ओकर उत्तर आ वैशेषिकक प्रत्यापत्ति
उपर्युक्त प्रत्यापत्तिक उत्तर
शब्द-प्रमाण पर वैशेषिक मत आ ओकर समीक्षा
प्राभाकर मत—वैदिक वाक्य स्वतन्त्र प्रमाण, लौकिक वाक्य अनुमानाधीन
अन्वित अर्थक स्वरूप पर अगिला विवेचन
सर्वज्ञ स्रष्टाक प्रतिज्ञापर शब्दाधारित आपत्ति आ उत्तर
अर्थापत्ति केँ स्वतन्त्र प्रमाण मानबाक आलोचना
अनुपलब्धि केँ स्वतन्त्र प्रमाण मानबाक आलोचना
अनुपलब्धि केँ स्वतन्त्र प्रमाण मानबाक पुनः आलोचना
एहि खण्डमे विवेचित विषयसभक सूची देत ईश्वर-प्रार्थना
फूलक चारिम गुच्छ
ज्ञानक स्वरूपक विवेचन आ मीमांसा मतक आलोचना
"ज्ञातता" धर्मक पक्षमे प्रमाण आ ओकर खण्डन
"ज्ञातता"क पक्षमे दोसर तर्क आ ओकर खण्डन
फूलक पाँचम गुच्छ
ईश्वरक अस्तित्वक प्रमाण प्रस्तुत आ प्रतिरक्षित
ओहि प्रमाणसभक समीक्षा आ प्रत्युत्तर
सभ नास्तिक शर्ताधारित प्रतितर्क आत्मविरोधी छथि
परमाणु-गतिक चेतन कारण आ ईश्वरक धारण-शक्तिक प्रमाण
शेष ईश्वरसिद्धि-प्रमाणसभक विस्तार
मूल पाठमे प्रयुक्त हेतु-पदसभक वैकल्पिक अर्थ
ईश्वरक अस्तित्वक अन्य प्रमाणसभक विवेचन
विधि-निषेधक प्रत्यय सँ ईश्वरसिद्धि
विधि अथवा आज्ञाक स्वरूपक विस्तृत विवेचन
क्रियाप्रत्यय प्रयत्नक द्योतक अछि—लेखकक प्रमाण
आरो तर्कद्वारा उपर्युक्त मतक प्रतिरक्षा
उपर्युक्त मतक खण्डन
आज्ञार्थक प्रयोग शब्दक कोनो गुणक बोध करबैत अछि—एहि मतक विवेचन आ खण्डन
उपर्युक्त निष्कर्षक औचित्य—इच्छित फलसँ सम्बन्धित कारणता विधिप्रत्ययक अर्थ नहि
पूर्वोक्त तर्कसभक समापन
शास्त्रीय वचन ईश्वरक अस्तित्वक प्रमाण
संख्यासँ ईश्वरसिद्धि—प्रथमपुरुष प्रत्यय आ वैदिक शाखाक नामकरण
ईश्वरक प्रत्यक्ष अनुभूतिक सम्भावना आ योगिक दर्शन
ईश्वरप्रत्यक्षक शास्त्रीय समर्थन
पाँचम गुच्छक समापन
अध्याय १२ : पूर्ण सन्दर्भ-ग्रन्थसूची
सत्यापित चयनित ग्रन्थसूची
१. आधार-पाठ, प्रमुख संस्कृत संस्करण, टीका आ अनुवाद
२. उदयनाचार्यक आन मूल कृति आ हुनकर दार्शनिक परिसर
३. न्याय-वैशेषिक आ नव्य-न्यायक मूल आधार-ग्रन्थ
४. मीमांसा, बौद्ध, सांख्य, योग, जैन आ वेदान्तक प्रतिपक्षी/तुलनात्मक स्रोत
५. उदयन, न्यायकुसुमाञ्जलि, न्याय-वैशेषिक आ भारतीय ज्ञानमीमांसापर आधुनिक अध्ययन
६. भारतीय काव्यशास्त्र, सौन्दर्यशास्त्र आ भाषा-दर्शन
७. पाश्चात्य साहित्य-सिद्धान्त, व्याख्याशास्त्र आ पाठक-सिद्धान्त
८. आधुनिक अनुवाद-सिद्धान्त आ तुलनात्मक अनुवाद-अध्ययन
९. मैथिली भाषा, साहित्य आ दार्शनिक गद्यक भाषिक आधार
ग्रन्थसूची-सम्बन्धी सम्पादकीय संकेत

About the Author

Gajendra Thakur, MBA (Finance), Post Graduate in Law, PG Diploma in Cyber Law & Cyber Forensics, CIC, CLD, Kovid in Samskrit, is editor of Videha, Ist Maithili Language Fortnightly eJournal ISSN 2229-547X at www.videha.co.in

Book Details

Publisher: Videha eJournal
Number of Pages: 1100
Dimensions: 6"x9"
Interior Pages: B&W
Binding: Hard Cover (Case Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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