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प्रथम अग्नि
अग्निवंश की आख़िरी गाथा
एक योद्धा... एक श्राप... एक सत्य... और एक अग्नि, जो युगों से जल रही है...
क्या होगा जब इतिहास, पुराण और कल्पना की सीमा एक-दूसरे में विलीन हो जाएँ
ऋत्विक एक साधारण युवक है, लेकिन उसका भाग्य साधारण नहीं। एक प्राचीन रहस्य, एक अधूरा श्राप और एक ऐसी शक्ति, जो युगों से अपने अंतिम उत्तराधिकारी की प्रतीक्षा कर रही है, उसे उस मार्ग पर ले जाती है जहा हर कदम पर मृत्यु, विश्वासघात और त्याग उसका इंतज़ार कर रहे हैं।
उसकी यात्रा में साथ है माया—एक ऐसा प्रेम जो केवल इस जन्म तक सीमित नहीं, बल्कि समय की सीमाओं को भी चुनौती देता है। किंतु जब कर्तव्य और प्रेम आमने-सामने खड़े हो जा तब कौन-सा मार्ग चुना जाए?
'प्रथम अग्नि' केवल एक फैंटेसी उपन्यास नहीं है। यह भारतीय पौराणिक परंपराओं, ऐतिहासिक संकेतों और गहन दार्शनिक विचारों से बुनी गई एक ऐसी महागाथा है, जिसमें प्रेम है, त्याग है, युद्ध है, रहस्य है और आत्मबल की वह ज्वाला है जो पाठक के मन में लंबे समय तक जलती रहती है।
इस उपन्यास में आपको मिलेगा—
भारतीय पौराणिक, ऐतिहासिक और काल्पनिक संसार का अद्भुत संगम
ऋत्विक और माया का गहरा, भावनात्मक और हृदयस्पर्शी प्रेम
रहस्य, रोमांच, युद्ध और अप्रत्याशित मोड़
भारतीय दर्शन, कर्म, धर्म और त्याग पर आधारित गहन विचार
ऐसा अंत, जो पुस्तक समाप्त होने के बाद भी लंबे समय तक आपके मन में जीवित रहेगा।
यदि आपको भारतीय मिथकों पर आधारित रोमांचक पसंद हैं, तो 'प्रथम अग्नि' आपके लिए एक अविस्मरणीय यात्रा सिद्ध होगी।
कुछ अग्नियाँ बुझती नहीं...
वे केवल अगले युग के नायक की प्रतीक्षा करती हैं।
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