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"Tum, Mai aur Ye Kitab" एक अधूरी मोहब्बत की कहानी है—जहाँ एहसास पूरे थे, लेकिन रिश्ते नहीं।
ये कहानी है उन दो लोगों की, जो एक-दूसरे के बेहद करीब थे, फिर भी कभी एक नहीं हो पाए। कभी किस्मत ने रोका, कभी हालात ने… और कभी उन्होंने खुद ही अपने दिल को समझा लिया।
इस किताब में आपको प्यार मिलेगा, जुदाई मिलेगी, पछतावा मिलेगा… और सबसे ज़्यादा—अपने ही जीवन की झलक मिलेगी।
अगर आपने कभी किसी को दिल से चाहा है… और उसे खोया है,
तो ये कहानी सिर्फ एक कहानी नहीं, आपकी अपनी कहानी लगेगी।
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