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दुकान छोटी थी। उधारी की बही उससे बड़ी। और सपने दोनों से बड़े।
एक चाय के ठेले से बड़े ब्रांड तक पहुँचने का रास्ता केवल अच्छी चाय बनाने से नहीं खुलता। उसमें हिसाब, भरोसा, मेहनत और ऐसे फ़ैसले शामिल हैं जिनकी क़ीमत बैलेंस शीट में दिखाई नहीं देती।
कारोबार बढ़ने के साथ एक सवाल भी बड़ा होता जाता है: जिस भरोसे पर शुरुआत हुई थी, क्या सफलता आने के बाद वही भरोसा बचा रहेगा?
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