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मालविका जोग अदालत में दूसरों की बात का सही अर्थ पहुँचाती है। अब उसकी नींद में एक अनजान रसोई लौटती है, और एक लापता स्त्री की गवाही उसे चैन से बैठने नहीं देती।
सपना कोई सबूत नहीं। लेकिन पुरानी नोटबुक, अधूरे बयान और रोजमर्रा की वस्तुओं के बीच कुछ ऐसा छूट गया है जिसे फिर देखना जरूरी है।
सच तक पहुँचने के लिए मालविका को अपनी याद पर सवाल उठाना होगा, और उन लोगों की आवाज सुननी होगी जिन्हें पहले पूरा नहीं सुना गया।
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