You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
जो सबकी धड़कनें सुन लेती थी, उसने अपनी ही धड़कन को कभी नहीं सुना। 14 अप्रैल की रात के बाद पुणे की नर्स तान्या देशपांडे को पास के हर इंसान की धड़कन का भाव सुनाई देने लगा है: डर, झूठ, दर्द, प्यार। हर बार यह शक्ति उसे बेहोश कर देती है। अनुनाद अनुसंधान केंद्र की नज़र उस पर है, पुराना प्रेमी कबीर लौट आया है, और भाई की इमारत में एक हादसा सब कुछ बदल देता है। जब सबके दिल का हाल पता हो, तो अपने रिश्तों को सच सुनने की हिम्मत कहाँ से आए? षड्ज: पहली धड़कन सप्तस्वर श्रृंखला की पहली पुस्तक है: निकट-भविष्य के भारत में सात रहस्यमयी शक्तियाँ, उनकी शक्तियों की क़ीमत और एक अनसुलझे सवाल की कहानी।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book षड्ज: पहली धड़कन.