You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
"प्रेम प्रकाश : छल के पार" केवल कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि एक संवेदनशील मन की आत्मिक यात्रा है।
इन रचनाओं में प्रेम केवल आकर्षण नहीं, बल्कि बनकर उपस्थिति है। यहाँ दुविधा मौन में परिणति होती है और साँस-साँस, विचार, राग और कर्म के रूप में नमन करती है।
इस संग्रह में प्रेम की मधुरता के साथ उसका असहज सच भी है, संबंधों की ऊष्मा के साथ उसकी परीक्षा भी। कवि तर्क से नहीं, संवेदना से सत्य तक पहुँचता है।
तुकांत और अतुकांत कविताओं का अपूर्व संगम - संवेदना, उन्नति, सफलता, प्रेरणा और आत्मबोध से संपन्न रचनात्मक यात्रा।
यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है जो कविता में केवल शब्द नहीं, स्वयं को खोजना चाहते हैं। छल के पार जाकर प्रेम के प्रकाश का अनुभव करने वाली एक सच्ची और विचारोत्तेजक कृति।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book प्रेम प्रकाश : छल के पार.