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“बेचैन मन और शांत बनारस” एक ऐसी कहानी है, जिसमें प्रेम की बेचैनी, बिछड़ने का दर्द और सुकून की तलाश साथ-साथ चलती है।
नोट- यह पुस्तक पूरी तरह से काल्पनिक रचना है। इसमें वर्णित सभी पात्र,नाम,स्थान और घटनाएं लेखक की कल्पना पर आधारित हैं। उसका उद्धेश्य किसी भी व्यक्ति, वर्ग,समुदाय या संस्थान की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है।
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