You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution
आजकल का प्यार
Attachment, Heartbreak और Emotional Confusion की सच्चाई
क्या आज का प्यार सच में बदल गया है…
या सिर्फ लोगों की भावनाएँ बदल गई हैं?
आज रिश्ते जल्दी बनते हैं…
जल्दी टूटते हैं…
और कई बार बिना किसी वजह के खत्म हो जाते हैं।
कभी कोई “forever” कहकर छोड़ जाता है।
कभी feelings अचानक गायब हो जाती हैं।
कभी loyalty सिर्फ एक word बनकर रह जाती है।
और फिर शुरू होता है —
overthinking, attachment, loneliness और emotional confusion का endless cycle।
यह किताब आधुनिक रिश्तों की उन्हीं उलझनों को गहराई से समझाती है।
सरल लेकिन भावनात्मक भाषा में लिखी गई यह पुस्तक बताती है:
लोग feelings क्यों खो देते हैं
Loyalty इतनी rare क्यों हो गई है
Attachment issues कैसे रिश्तों को प्रभावित करते हैं
Social media प्यार को कैसे बदल रहा है
Ghosting, Seen-Zone और dry texts इतना दर्द क्यों देते हैं
और breakup के बाद खुद को दोबारा कैसे खोजा जाए
यह सिर्फ प्यार की किताब नहीं है…
यह उन emotions की किताब है
जिनसे आज की generation हर दिन गुजर रही है।
अगर आपने कभी:
किसी को खोया है,
overthink किया है,
emotionally attached हुए हैं,
या खुद को रिश्तों में खो दिया है…
तो यह किताब आपको खुद के और करीब महसूस कराएगी।
“कुछ रिश्ते हमेशा के लिए नहीं होते…
लेकिन हर रिश्ता हमें खुद के बारे में कुछ सिखाकर जरूर जाता है।”
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book आजकल का प्यार.