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ठहर कर देखना

थोड़ा तो रुको
Chandan Kumar
Type: Print Book
Genre: Philosophy
Language: Hindi
Price: ₹229 + shipping
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Description

यह किताब किसी कहानी की तरह शुरू होती है,
लेकिन धीरे-धीरे यह आपकी अपनी कहानी बन जाती है।
एक सुबह की बेचैनी,
घाटों के बीच चलती एक चुप यात्रा,
जलती चिताओं के सामने खड़ा मन,
और एक कप काली कॉफी के साथ बैठा हुआ एक अकेला इंसान—
इन साधारण-से दिखने वाले क्षणों में छिपा है
जीवन का वह हिस्सा, जिसे हम अक्सर देखते हुए भी नहीं देख पाते।
यह पुस्तक आपको कोई उपदेश नहीं देती,
कोई समाधान नहीं थोपती—
यह बस आपको आपके ही भीतर ले जाकर खड़ा कर देती है।
जहाँ आप पाएँगे कि
जीवन बदलने के लिए बहुत कुछ बदलना नहीं पड़ता,
कभी-कभी बस देखना शुरू करना पड़ता है।

About the Author

मैं पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ और पिछले उन्नीस वर्षों से आईटी क्षेत्र में काम कर रहा हूँ।
दुनिया मुझे एक तकनीकी व्यक्ति के रूप में जानती है,
पर सच कहूँ तो मेरा मन हमेशा मशीनों से ज़्यादा
मनुष्य और जीवन को समझने में लगा रहा है।
मुझे नई चीज़ें सीखने की,
नई जगहों पर जाने की,
और हर बार कुछ अलग देखने की एक अजीब-सी बेचैनी रहती है।
शायद यही कारण है कि मुझे एक जगह ठहरना कभी अच्छा नहीं लगा।
मैं हमेशा कुछ न कुछ करता रहना चाहता हूँ—
चाहे वह काम हो, यात्रा हो, या बस अपने भीतर झाँकना।
साल 2017 के आसपास ही मुझे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की दिशा का आभास हो गया था।
तब से मैं लगातार इस क्षेत्र को समझने, सीखने और इसके साथ काम करने की कोशिश कर रहा हूँ।
तकनीक मेरे पेशे का हिस्सा है,
पर उसे समझने की जिज्ञासा मेरे स्वभाव का।
लिखना मैंने किसी योजना के तहत शुरू नहीं किया।
यह धीरे-धीरे मेरे भीतर से निकलता गया—
जैसे मन में जमा बातें शब्द बनकर कागज़ पर उतरना चाहती हों।
वर्षों से मेरी कई डायरियाँ भरी पड़ी हैं—
उनमें रोज़मर्रा के अनुभव,
छोटे-छोटे विचार,
और जीवन को समझने की मेरी अपनी कोशिशें दर्ज हैं।
यह पुस्तक उन्हीं पन्नों में से निकली हुई
मेरी पहली प्रकाशित कृति है।
मैं कोई लेखक होने का दावा नहीं करता,
बस एक ऐसा व्यक्ति हूँ
जो चलते-चलते, देखते-देखते,
जीवन को समझने की कोशिश कर रहा है।

Book Details

ISBN: 9788199886858
Publisher: QBV MEDIA LLP
Number of Pages: 115
Dimensions: 6.00"x9.00"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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