You can access the distribution details by navigating to My pre-printed books > Distribution

Add a Review

मौत की स्याह सराय (eBook)

Type: e-book
Genre: Literature & Fiction, Mystery & Crime
Language: Hindi
Price: ₹199
(Immediate Access on Full Payment)
Available Formats: PDF

Description

एक सुनसान हिमालयी वुडहाउस। बर्फ से कटी दुनिया। दस पुराने दोस्त। और एक के बाद एक होने वाली हत्याएँ। जब पाँच दोस्त अपनी पत्नियों के साथ छुट्टियों के लिए हिमाचल की एक पुरानी, अलग-थलग विंटेज हवेली में पहुँचते हैं, तो माहौल खुशनुमा होता है।

लेकिन पहली रात के बाद सब बदल जाता है। पहली लाश मिलती है — गला रेता हुआ, पास में एक नक्काशीदार लकड़ी की डिबिया, जिसमें सूखी मेहंदी की पत्तियाँ और एक फटा कागज़ — *"पाप का पहला अक्षर — र।"* फिर दूसरी। फिर तीसरी। हर लाश के पास वही डिबिया। हर बार एक नया संदेश। कोई बाहर नहीं आया। कोई बाहर नहीं जा सकता। कातिल उन्हीं के बीच है।

और अब मैदान में आती है **इंस्पेक्टर रेवा शेखावत** — एक ठंडी, तीखी, कहावतों की रानी, जिसकी चाँदी की सलाई और मोगरे की खुशबू कातिल की रगों में सिहरन पैदा कर देती है। उसके साथ है हवलदार माधोसिंह, जो हर बात पर मूँछों को ताव देता है।

जैसे-जैसे रेवा पुरानी साज़िश, छुपे हुए गुनाह,
बरसों पुराने बदले की परतें खोलती जाती है, पाठक का दिमाग चकराने लगता है। हर किरदार संदिग्ध लगता है। हर ट्विस्ट और भी गहरा जाता है।

**क्या रेवा इस उलझे हुए जाल को सुलझा पाएगी?** **या इस बार कातिल उससे भी आगे निकल जाएगा?**

**एक ऐसा थ्रिलर जो आखिरी पन्ने तक आपको साँस रोककर पढ़ने पर मजबूर कर देगा।**

**मौत की स्याह सराय** — जहाँ हर कहावत एक सुराग है, हर खुशबू एक चेतावनी, और हर ट्विस्ट… एक नया झटका।

About the Author

रमेश्वर राठी “परम” पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जो न केवल संख्याओं की पेचीदा दुनिया को सुलझाते हैं बल्कि शब्दों के जादू से सस्पेंस का ताना-बाना बुनते हैं। बचपन से ही हिंदी साहित्य के गहरे समंदर, क्राइम थ्रिलर और बॉलीवुड की सस्पेंस-मसाला फिल्मों ने उनके भीतर एक खोजी और कहानीकार को जिंदा रखा। CA की व्यस्ततम पढ़ाई और प्रैक्टिस के बीच भी उन्होंने अपनी रचनात्मकता की धार को कम नहीं होने दिया।

परमेश्वर का मानना है कि हर सीए सिर्फ बैलेंस शीट ही नहीं मिलाता, बल्कि उसके भीतर एक गहरी और दिलचस्प कहानी भी छिपी होती है—ज़रूरत है तो बस उस कहानी को पन्नों पर उतारने की।

Book Details

Number of Pages: 130
Availability: Available for Download (e-book)

Ratings & Reviews

मौत की स्याह सराय

मौत की स्याह सराय

(Not Available)

Review This Book

Write your thoughts about this book.

Currently there are no reviews available for this book.

Be the first one to write a review for the book मौत की स्याह सराय.

Other Books in Literature & Fiction, Mystery & Crime

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account transfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.