You can access the distribution details by navigating to My pre-printed books > Distribution
क्या हम अपनी भावनाओं को सच में समझते हैं?
क्या कभी ऐसा हुआ है कि कोई छोटी-सी बात आपको असामान्य रूप से परेशान कर दे?
क्या कभी कोई पुरानी घटना वर्षों बाद भी भीतर वैसी ही जीवित महसूस हुई हो?
या फिर कभी बिना किसी स्पष्ट कारण के मन भारी, हल्का, बेचैन या शांत महसूस हुआ हो?
हम अपने विचारों को समझने की कोशिश करते हैं, अपने व्यवहार को बदलने की कोशिश करते हैं, लेकिन अक्सर उस मूल कारण तक नहीं पहुँच पाते जो भीतर काम कर रहा होता है।
यह पुस्तक आपको भावनाओं को देखने का एक अलग दृष्टिकोण देती है।
एक ऐसा दृष्टिकोण जो बताता है कि हर भावना एक जैसी नहीं होती। उनकी अलग-अलग अवस्थाएँ होती हैं, और प्रत्येक अवस्था हमारे निर्णयों, संबंधों, प्रतिक्रियाओं और जीवन के अनुभवों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करती है।
सरल उदाहरणों, आत्म-निरीक्षण और जीवन के सहज अनुभवों के माध्यम से यह पुस्तक आपको अपने भीतर चल रही प्रक्रियाओं को पहचानने में सहायता करेगी।
शायद समस्या बाहर नहीं है।
शायद जो कुछ बाहर दिखाई दे रहा है, वह भीतर चल रही किसी गहरी प्रक्रिया का ही प्रतिबिंब है।
यदि आप स्वयं को समझने की यात्रा पर हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक रोचक शुरुआत हो सकती है।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book 3 States Of Feelings.