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यह कहानी एक लड़की से शुरू होती है। एक ऐसी लड़की, जो बाहर से दृढ़, साहसी और निडर दिखाई देती है, परंतु भीतर से वह भी अपने ही सवालों से जूझ रही है। उसके जीवन में कुछ ऐसा घटित होता है, जो उसे सच के बहुत करीब ले आता है, इतना करीब कि वह सच उसके लिए खतरा बन जाता है और फिर, एक दिन वह लड़की गायब हो जाती है। उसकी गुमशुदगी केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक रास्ता है, उस संसार का रास्ता, जहाँ हर व्यक्ति अपनी-अपनी परछाई से भाग रहा है। कोई अपने अतीत से भाग रहा है, कोई अपने अपराध बोध से, और कोई उस सच से, जिसे वह स्वीकार नहीं करना चाहता।
जैसे-जैसे यह कहानी आगे बढ़ेगी, आप पाएंगे कि यहाँ कोई भी पूरी तरह निर्दोष नहीं है। हर किसी के हाथों में थोड़ी-सी खालिक लगी हुई है, भले ही वह दिखाई न दे। और यही इस कहानी का सबसे बड़ा प्रश्न है, क्या अपराध केवल वही है, जो कानून की किताबों में परिभाषित किया गया है ? या फिर वह भी अपराध है, जो हम चुप रहकर होने देते हैं ?
इस उपन्यास में हर अध्याय एक नई खिड़की खोलेगा। एक नया सच सामने आएगा, लेकिन वह सच भी पूर्ण नहीं होगा। वह केवल एक और परछाई होगी, जो आपको अगले सच की ओर ले जाएगी।
यहाँ घटनाएँ सीधी रेखा में नहीं चलेंगी। वे वृत्त की तरह घूमेंगी, अतीत, वर्तमान और भविष्य एक-दूसरे में घुलते हुए दिखाई देंगे। कभी कोई पुरानी घटना अचानक वर्तमान का केंद्र बन जाएगी, तो कभी कोई मामूली-सी बात एक बड़े रहस्य का सूत्रधार बन जाएगी।
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