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मनुष्य का जीवन एक अनवरत यात्रा है। इस यात्रा में कभी सुख के पुष्प खिलते हैं, तो कभी संघर्षों की तपती राहें सामने आती हैं। अनुभव, संवेदनाएँ, संस्कार, प्रेरणाएँ और जीवन के विविध रंग जब शब्दों का रूप धारण करते हैं, तब कविता जन्म लेती है। प्रस्तुत काव्य-संग्रह ‘पथिक’ भी ऐसी ही भावनाओं, अनुभूतियों और जीवन-दर्शन का सजीव चित्रण है। पुस्तक का शीर्षक ‘पथिक’ इस विचार पर आधारित है कि जीवन स्वयं एक अंतहीन यात्रा है। इस यात्रा में मनुष्य अनेक अनुभवों, संघर्षों, सीखों, प्रेरणाओं और भावनाओं से गुजरता है। लेखक की यही जीवन-यात्रा, उनके मन के विचार और अनुभूतियाँ इस काव्य-संग्रह की कविताओं के रूप में अभिव्यक्त हुई हैं।
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