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अस्तित्व: अपना वजूद कैसे बचाएं?

Shahbaz Ahamad
Type: Print Book
Genre: Education & Language, Drama/Play
Language: English, Hindi
Price: ₹220 + shipping
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Description

अस्तित्व: अपना वजूद कैसे बचाएं?

About the Author

लेखक शाहबाज अहमद का अंतिम संदेश (बिल्कुल आसान भाषा में)
> "किताबें सिर्फ़ काग़ज़ और स्याही नहीं होतीं, ये दिल से निकली बातें होती हैं जो सीधे आपके दिल तक पहुँचती हैं।"
>
मेरे प्यारे दोस्तों,
इस किताब को लिखते समय मेरे मन में बस एक ही बात थी—आज की इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में इंसान सब कुछ कमा रहा है, लेकिन कहीं न कहीं खुद को और अपनी असली पहचान को भूलता जा रहा है। हम दूसरों की नकल करने में, फोन और इंटरनेट में, और पैसों की होड़ में इतने उलझ गए हैं कि अपनी जड़ों, अपनी सेहत और अपनी इंसानियत को पीछे छोड़ रहे हैं।
यह किताब मैंने इसलिए लिखी ताकि हम सब थोड़ी देर रुककर सोच सकें कि हम असल में कौन हैं और हमें जीवन में किस रास्ते पर चलना चाहिए।
1. मेरी कलम से आपके लिए संदेश
मैं मानता हूँ कि लिखने का असली मक़सद वही है जो किसी के काम आए, किसी निराश मन में उम्मीद जगाए और भटके हुए को सही राह दिखाए।
मेरी कलम से निकले शब्दों का बस एक ही मकसद है:
> "आप जैसे हैं, बहुत खास हैं। अपनी असलियत को कभी मत खोइए।"
>
2. ज़िंदगी की 3 सबसे ज़रूरी बातें
अगर आप इस पूरी किताब से सिर्फ़ 3 बातें भी अपने दिल में उतार लें, तो आपकी ज़िंदगी संवर जाएगी:
* खुद पर भरोसा रखें: दुनिया आपके बारे में क्या कहती है, इससे फर्क नहीं पड़ता। आप खुद पर यकीन रखिए। जब आप खुद अपनी इज़्ज़त करेंगे, तभी दुनिया आपकी इज़्ज़त करेगी।
* दिल में दया रखें: कितनी भी बड़ी डिग्री या कितना भी पैसा आ जाए, अगर दिल में दूसरों के लिए दर्द और प्यार नहीं है, तो सब बेकार है। किसी रोते हुए के काम आना ही सबसे बड़ा धर्म है।
* अपनी मिट्टी और अपनों को न भूलें: आप ज़िंदगी में चाहे जितने बड़े बन जाएँ, अपने माता-पिता, अपनी भाषा, अपने गाँव-समाज और अपनी संस्कृति को कभी मत भूलिए। अपनी जड़ों से जुड़े रहेंगे, तो कोई तूफ़ान आपको हिला नहीं पाएगा।
3. दिल से आखिरी बात
ज़िंदगी एक खूबसूरत सफ़र है। इसमें मुश्किलें आएंगी, लेकिन हार मत मानिए। जब भी कभी आपका मन उदास हो या रास्ता समझ न आए, तो याद रखिएगा कि सच्चाई, ईमानदारी और मेहनत का रास्ता कभी गलत नहीं होता।
ईश्वर करे कि आपका जीवन खुशियों से भरा रहे, आपको हर कदम पर कामयाबी मिले और आप जहाँ भी रहें, अपनी अच्छाई की रोशनी फैलाते रहें।
दिल से आपका,
शाहबाज अहमद
(शाहबाज अहमद की कलम से)

Book Details

Publisher: Shahbaz Ahamad
Number of Pages: 57
Dimensions: 8.27"x11.69"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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