You can access the distribution details by navigating to My Print Books(POD) > Distribution

Add a Review

"त्रिवेणी - एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर".

Triveni chakrdhari
Type: Print Book
Genre: Literature & Fiction
Language: Hindi
Price: ₹327 + shipping
Price: ₹327 + shipping
Dispatched in 5-7 business days.
Shipping Time Extra

Description

"क्या समाज की बनाई लीक पर चलना ही एक स्त्री की एकमात्र नियति है? और अगर वह उस लीक से हटकर अपने आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए आवाज उठाए, तो वह 'बेकार' क्यों हो जाती है?"
'त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर' महज़ एक कहानी नहीं, बल्कि समाज के दोहरे मानदंडों को झकझोरता एक जीवंत आईना है। यह कहानी है त्रिवेणी की, जो ब्याह कर एक नए घर में कदम रखती है। शुरुआत में वह हर जिम्मेदारी को पूरी शिद्दत से निभाती है, परिवार की खुशियों के लिए खुद को झोंक देती है और समाज के तय किए गए 'आदर्श बहू' के सांचे में पूरी तरह फिट बैठती है।
लेकिन, जब वही बहू अपनी खामोशी को तोड़ती है, घर-परिवार के भीतर होने वाले मानसिक संघर्षों, अन्याय और दमन के खिलाफ खड़ी होती है, तो पल भर में समाज उसे 'बेकार बहू' का तमगा दे देता है। यह उपन्यास एक स्त्री के भीतर की पीड़ा (पीरा), उसके सब्र, और फिर उसी सब्र से जनमे आत्म-निर्भरता के विद्रोह की यात्रा है।छत्तीसगढ़ी संस्कृति की खुशबू, लोक-कहावतों, और साहित्यिक गहराई से बुना गया यह उपन्यास हर उस नारी की आवाज़ है, जिसने कभी न कभी अपनों के बीच ही अपनी पहचान को खोते हुए देखा है। क्या त्रिवेणी इस संघर्ष के बीच अपनी पहचान बचा पाएगी? जानने के लिए पढ़िए यह मर्मस्पर्शी उपन्यास।

About the Author

लेखक: त्रिवेणी चक्रधारी
त्रिवेणी चक्रधारी छत्तीसगढ़ के साहित्यिक परिवेश से जुड़ी एक उभरती हुई और संवेदनशील लेखिका हैं। मूल रूप से रायपुर क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली त्रिवेणी वर्तमान में धमतरी जिले में निवास करती हैं। अपनी जड़ों और माटी से गहरा जुड़ाव होने के कारण उनकी लेखनी में छत्तीसगढ़ी संस्कृति, लोक-जीवन और यहाँ के मुहावरों का बहुत ही सुंदर और साहित्यिक पुट देखने को मिलता है।
त्रिवेणी एक बहुआयामी और स्वावलंबी व्यक्तित्व की धनी हैं, जो अपने सामाजिक और पारिवारिक दायित्वों को निभाते हुए अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। वह समाज में महिलाओं की स्थिति, उनके मानसिक संघर्षों और उनके अधिकारों को अपनी रचनाओं के माध्यम से मुखरता से उठाती हैं। 'त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर' उनका एक बेहद महत्वाकांक्षी उपन्यास है, जिसमें उन्होंने एक नारी के जीवन के यथार्थ और आत्मसम्मान की लड़ाई को बेहद संजीदगी से पन्नों पर उतारा है। अपनी लेखनी के ज़रिये वे पाठकों के दिलों में उतरने और समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प रखती हैं।

Book Details

Publisher: Triveni chakrdhari
Number of Pages: 167
Dimensions: 8.27"x11.69"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

Ratings & Reviews

"त्रिवेणी - एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर".

"त्रिवेणी - एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर".

(Not Available)

Review This Book

Write your thoughts about this book.

Currently there are no reviews available for this book.

Be the first one to write a review for the book "त्रिवेणी - एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर"..

Other Books in Literature & Fiction

Shop with confidence

Safe and secured checkout, payments powered by Razorpay. Pay with Credit/Debit Cards, Net Banking, Wallets, UPI or via bank account transfer and Cheque/DD. Payment Option FAQs.