तुम, मैं और ये किताब
उसूल जिंदगी के
धीरे - धीरे घटता चाँद
राजेन्द्र मोहन भटनागर के उपन्यास ‘सरदार’ में चरित्र शिल्प
साहित्य में लोकतंत्र
साहित्य और सिनेमा: जुड़ाव और जादू
हिन्दी साहित्य से सिनेमा तक