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बेंगलुरु का इंजीनियर समर श्रीवास्तव अपने काम और रोज़मर्रा के जीवन में उलझा है, जब अजीब स्वप्न और माथे में उठती एक अनजानी धड़कन उसकी दुनिया बदलने लगते हैं। एक प्राचीन मणि, नागलोक और समय को निगलने वाले अंधकार की छाया उसे ऐसी विरासत की ओर बुलाती है जिसे उसने कभी जाना नहीं। नागमणि गाथा की पहली पुस्तक जागरण आधुनिक जीवन और पौराणिक कल्पना को जोड़ती हुई मणिधारक के उदय की शुरुआत करती है।
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