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सच, विश्वास और भ्रम

“ईश्वर, नर्क और मनुष्य की खोज”
हिमांशु गुप्ता
Type: Print Book
Genre: Philosophy
Language: Hindi
Price: ₹205 + shipping
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Description

# सच, विश्वास और भ्रम: ईश्वर, नर्क और मनुष्य की खोज

यह एक विचारोत्तेजक पुस्तक है जो ईश्वर, नर्क, स्वर्ग, धर्म, मिथक, पाप-पुण्य, आत्मा, पुनर्जन्म, नैतिकता और सत्य जैसे प्रश्नों की गहन पड़ताल करती है। यह पुस्तक किसी धार्मिक निष्कर्ष को थोपने का प्रयास नहीं करती, बल्कि मनुष्य के अनुभव, भय, विश्वास और आत्म-चिंतन को समझने की कोशिश करती है।

यह न तो आस्था-विरोधी घोषणा-पत्र है और न ही पारंपरिक धार्मिक लेखों का संग्रह। इसके माध्यम से लेखक मनुष्य के अपने विश्वासों, संदेहों और विरासत में मिले उत्तरों का ईमानदारी से परीक्षण करता है।

पुस्तक एक बड़े प्रश्न से आरम्भ होती है—“क्या ईश्वर है?” और “क्या नर्क वास्तव में अस्तित्व में है?” लेकिन जैसे-जैसे विचार आगे बढ़ता है, एक और गहरा प्रश्न उभरता है—“मनुष्य स्वयं क्या है?”

इन लेखों का उद्देश्य यह समझना है कि स्वर्ग, नर्क, धर्म और नैतिकता की चर्चा अंततः मनुष्य पर ही लौट आती है। मनुष्य डरता है, आशा करता है, नैतिकता गढ़ता है, मिथक रचता है, पाप-पुण्य की अवधारणाएँ बनाता है और सत्य की खोज में निरंतर भटकता रहता है।

## केंद्रीय वैचारिक आधार

इस पुस्तक का केंद्रीय विचार यह है कि विश्वास को अंधस्वीकार नहीं, बल्कि समझ और विवेक के साथ परखा जाना चाहिए।

About the Author

हिमांशु गुप्त एक स्वतंत्र लेखक और चिंतक हैं, जिनकी रुचि दर्शन, मानव चेतना, विश्वास, नैतिकता और अस्तित्व से जुड़े प्रश्नों के अध्ययन में है। उनका लेखन उन विषयों की पड़ताल करता है जो सदियों से मानव मन को आकर्षित और चुनौती देते रहे हैं—जैसे सत्य, ईश्वर, आत्मा, स्वतंत्र इच्छा, नैतिकता और जीवन का उद्देश्य।

वे मानते हैं कि किसी भी विचार को केवल परंपरा या प्रचलित मान्यताओं के आधार पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उसे तर्क, अनुभव और खुले संवाद की कसौटी पर परखा जाना चाहिए। उनके लेखन का उद्देश्य निश्चित उत्तर देना नहीं, बल्कि पाठकों को गहन प्रश्नों पर विचार करने के लिए प्रेरित करना है।

हिमांशु गुप्ता जटिल दार्शनिक विषयों को सरल और सहज भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास करते हैं, ताकि सामान्य पाठक भी उन विचारों से जुड़ सकें जो मानव सभ्यता की बौद्धिक यात्रा का आधार रहे हैं। उनका कार्य जिज्ञासा, आलोचनात्मक चिंतन और आत्म-अन्वेषण की भावना को प्रोत्साहित करता है।

Book Details

Publisher: HKG Publication
Number of Pages: 196
Dimensions: 5"x7"
Interior Pages: B&W
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)

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