You can access the distribution details by navigating to My pre-printed books > Distribution
नीम सा कड़वा, इमली सा खट्टा, शहद सा मीठा इश्क — प्रेम के उन रंगों का कहानी-संग्रह जहाँ मोहब्बत कभी मीठी लगती है, कभी खट्टी और कभी जिंदगी की सच्चाइयों से रूबरू कराती हुई थोड़ी कड़वी भी।
यह संग्रह प्रेम को केवल एक खूबसूरत एहसास के रूप में नहीं, बल्कि मुलाकात, इंतज़ार, दूरी, तकरार, समर्पण, याद और रिश्तों की जटिल भावनाओं के साथ देखने का प्रयास करता है।
पुस्तक की कहानियों में प्रेम के अलग-अलग रूप दिखाई देते हैं—कहीं पहली मुलाकात की धड़कन है, कहीं अधूरी मोहब्बत की कसक, कहीं रिश्तों की मिठास और कहीं परिस्थितियों से टकराता हुआ इश्क।
गुनगुनाती हुई सिनेमैटिक प्रेम कहानियाँ पाठक को ऐसे दृश्यों और भावनाओं की दुनिया में ले जाती हैं जिन्हें पढ़ते हुए किसी फिल्म के खूबसूरत दृश्य आँखों के सामने उभरने लगते हैं।
अगर आपको प्रेम कहानियाँ, रोमांस, भावनात्मक रिश्ते, विरह, मिलन और दिल को छू लेने वाली कहानियाँ पसंद हैं, तो यह संग्रह आपके लिए है।
क्योंकि इश्क हमेशा सिर्फ मीठा नहीं होता—
कभी नीम-सा कड़वा,
कभी इमली-सा खट्टा,
और कभी शहद-सा मीठा होता है।
यही है इस संग्रह का इश्क।
Currently there are no reviews available for this book.
Be the first one to write a review for the book नीम सा कड़वा, इमली सा खट्टा, शहद सा मीठा इश्क.