जिस दिन मैंने अपना सपना लौटाया
एक सपना कम
जिस रात शहर सोया नहीं
वह मैदान जो नींद में उगता था
सुबह मुझे मत जगाना
मेरे लौटने से पहले
आँगन का आख़िरी हिस्सा
पर्वत की खोयी परछाईं
बस में बची एक जगह
10 छोटी पंचतंत्र कहानियाँ : 10 Short Panchatantra Stories
मिट्टी का दूसरा वज़न
रात की बची स्याही
चौदह दिन की डाक
दूल्हे से पहले बैंड आया
अंतर्वाणी
अधबुना तिरंगा
जिंदा होने की रसीद
ਸ਼ਾਂਤ ਮਨ, ਖੁਸ਼ਹਾਲ ਜ਼ਿੰਦਗੀ
सफ़ेद क़ैद
धान की मेड़ पर तुम्हारा नाम
सात मिनट की खामोशी
हाज़िरी में खाली जगह
दूसरे नाम की राख
नदी का अनलिखा वचन