बीज-विद्रोह
दूसरी नाव
नौवाँ नक्शा
महा-अंतिम: शून्य - आख़िरी दीया
दृष्टा: हिमरेखा के उस पार
अचल: जिस नाव में गिनती छूट गई
रंगमाया: चक्षुदान
जीवनिका: जड़ों की सुनहरी साँस
वनबंधु: जंगल की बची हुई आवाज़
मरुधर: रेत पर पहला ख़त
जाल: नाम के उस पार
हलधर: मिट्टी जो क़र्ज़ नहीं भूलती
शिशिर: पानी की स्मृति
धावक: छूटे हुए हाथ की दिशा
तेरह नंबर की गवाही
सिंधु संदेश का आख़िरी पन्ना
रेलवे फाटक नंबर नौ
लाल इमली की रात
मंडी की तराज़ू
घाट पर पड़ी चप्पल
निषाद: आख़िरी स्वर
धैवत: चार सेकंड
पंचम: एक वाक्य की क़ीमत
मध्यम: मिट्टी की धड़कन